बता दें कि बीते सोमवार को ही अफगानिस्तान की राजधानी काबुल के उत्तरी इलाके में चार बम विस्फोट में एक बच्ची समेत चार लोग घायल हो गए थे। स्थानीय अधिकारियों ने बताया था कि एक बम कूड़ेदान के नीचे और तीन अन्य सड़क किनारे रखे गए थे। काबुल पुलिस के प्रवक्ता फरदौस फरमर्ज ने बताया था कि सड़क किनारे 10-20 मीटर की दूरी पर बमों को रखा गया था।
उन्होंने कहा कि विस्फोट में 12 साल की बच्ची घायल हुई है और पुलिस घटना स्थल की जांच कर रही है। अभी तक किसी ने बम विस्फोट की जिम्मेदारी नहीं ली है और विस्फोट के निशाने पर कौन था यह पता नहीं चल पाया है। काबुल और उसके आसपास तालिबान और इस्लामिक स्टेट दोनों गुट सक्रिय हैं जो लगातार नागरिकों और फौजियों को अपना निशाना बनाते रहे हैं।
बता दें कि इससे पहले 29 अप्रैल को अफगानिस्तान की राजधानी के बाहरी इलाके में स्थित अफगान विशेष बलों के अड्डे को एक फिदायीन हमलावर ने निशाना बनाया था। इसमें तीन आम नागरिकों की मौत हो गई थी और 15 अन्य जख्मी हुए थे। सरकार ने हमले के लिए तालिबान को जिम्मेदार ठहराया था।
एक सैन्य अधिकारी ने बताया था कि विस्फोट सैन्य कमांडो के अड्डे के बाहर हुआ। उस वक्त वहां अनुबंध के आधार पर काम करने वाले असैन्य कर्मी अंदर आने का इंतजार कर रहे थे। गृह मंत्रालय के प्रवक्ता तारीक आरियान ने बताया था कि जहां विस्फोट हुआ वह स्थान चहार असयाब जिले में आता है। उन्होंने हमले के लिए तालिबान को जिम्मेदार ठहराया और इसे इंसानियत के खिलाफ जुर्म बताया था।