अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर ईरान में बेटियों पर जुल्म की खबर सामने आई है। हिजाब का विरोध करने वाली 16 वर्षीय किशोरी निका शाकरामी पुलिस द्वारा निर्मम तरीके से हत्या हो गई है। उसका प्रदर्शनकारियों के साथ नारेबाजी के बीच हिजाब जलाते हुए वीडियो सामने आया है।
हिजाब के विरोध में 22 वर्षीय महसा अमिनी की पुलिस हिरासत मे मौत के बाद निका ने सार्वजनिक रूप से हिजाब जलाया। इसके कुछ घंटों बाद वह गायब हो गई। निका के परिजनों ने बताया कि 10 दिन बाद सुरक्षाकर्मी उन्हें मुर्दाघर ले गए। यहां शिनाख्त के लिए कुछ सेकंड शव का चेहरा देखने दिया। इसके बाद शव उन्हें दिए बगैर गुप्त जगह दफना दिया। एजेंसी
अब तक 100 से ज्यादा की हत्या
8.6 करोड़ आबादी वाले ईरान में लड़कियों को जबरन हिजाब पहनाने का चार हफ्ते से विरोध हो रहा है। इसे यहां की इस्लामी सरकार सख्ती से कुचलवा रही है। पुलिस व इस्लामी कानून लागू करवाने को बनाई गई कट्टरपंथियों की गैर सरकारी पुलिस ने अब तक 100 से अधिक लोगों की हत्या कर दी है। इनमें अधिकतर किशोरियां व महिलाएं हैं।
नागरिक कर रहे कड़ा मुकाबला
हिंसक दमन के बावजूद नागरिक कड़ा मुकाबला कर रहे हैं। तेहरान विश्वविद्यालय से लेकर स्कूलों व सड़कों पर हिजाब जलाए जा रहे हैं, महिलाएं अपने बाल खुले रख कर निकल रही हैं, बाल काट भी रही हैं और ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामनेई के खिलाफ प्रदर्शन हो रहे हैं। खामनेई की तस्वीरों को जूतों से रौंदा जा रहा है, कई स्कूली छात्राएं उनकी तस्वीरों का अपमान कर रही हैं। महीने पहले तक ईरान में यह सब असंभव था। सरकार के विरोधियों को मौत की सजा तक दी जाती थी।