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UN Climate Talk: उद्योग परिवर्तन के लिए तकनीकी हस्तांतरण है चुनौती, यूएन क्लाइमेट टॉक में बोले भूपेंद्र यादव

Mon, 11 Dec 2023 12:59 AM IST
यशोधन शर्मा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, दुबई

सार

इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि 2019 में कम कार्बन वाले औद्योगिक पर ध्यान केंद्रित करने वाली पहल लीडआईटी के लॉन्च के बाद से वैश्विक औद्योगिक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण बदलाव देखा गया है।
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केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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पर्यावरण मंत्री भूपेन्द्र यादव ने रविवार को संयुक्त राष्ट्र जलवायु वार्ता में कहा कि लोहा, इस्पात, सीमेंट और परिवहन जैसे कठिन क्षेत्रों में कम कार्बन संक्रमण के लिए प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और वित्त एक चुनौती बनी हुई है।

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इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि 2019 में कम कार्बन वाले औद्योगिक पर ध्यान केंद्रित करने वाली पहल लीडआईटी के लॉन्च के बाद से वैश्विक औद्योगिक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण बदलाव देखा गया है। उन्होंने कहा, 'हालांकि, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और वित्त की वास्तविक परिवर्तन चुनौतियों का समाधान किया जाना बाकी है'। 

मंत्री यादव ने चुनौतियों, विशेषकर प्रौद्योगिकी हस्तांतरण के लिए बौद्धिक संपदा अधिकार जैसी बाधाओं से निपटने के लिए सहयोगात्मक अंतरराष्ट्रीय तंत्र पर जोर दिया।उन्होंने भारत-स्वीडन लीडआईटी साझेदारी को जलवायु संकट से निपटने और उद्योगों को पर्यावरण के साथ सामंजस्य बिठाने के गठबंधन के रूप में वर्णित किया। 
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प्रौद्योगिकी पर सहयोग करने के लिए किया प्रोत्साहित
मंत्री ने हितधारकों को भविष्य के लिए एक टिकाऊ, समावेशी उद्योग के निर्माण के लिए नवाचार, प्रौद्योगिकी पर सहयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया। स्वीडिश जलवायु और पर्यावरण मंत्री रोमिना पौरमोख्तारी ने क्षेत्रीय विकास, रोजगार सृजन और तकनीकी उन्नति के लिए डीकार्बोनाइजेशन और हरित संक्रमण की क्षमता के बारे में बात की। 

यह स्वीकार करते हुए कि औद्योगिक विकास सभी देशों की सामाजिक और आर्थिक समृद्धि के लिए महत्वपूर्ण है, उन्होंने आगाह किया कि व्यावसायिक रूप से व्यवहार्य निम्न-कार्बन तकनीक की कमी और औद्योगिक क्षेत्रों में लंबे निवेश चक्रों के कारण दशकों तक कार्बन उत्सर्जन में रुकावट आने का खतरा है।  

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