फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Tech Layoffs: टेक कंपनियों में छंटनी की सबसे ज्यादा मार पड़ी है रिसर्च एंड डेवलपमेंट पर

Thu, 16 Feb 2023 03:12 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन

सार

Tech Layoffs: विशेषज्ञों के मुताबिक ब्याज दरों में वृद्धि और विश्व अर्थव्यवस्था के संकटग्रस्त होने के कारण बड़ी कंपनियों को नया बिजनेस प्लान अपनाना पड़ रहा है। इसके तहत खर्च घटाने के लिए उन्होंने कर्मचारियों की छंटनी का रास्ता चुना है। इसका शिकार भविष्य को ध्यान में रख कर तैयार की जा रही परियोजनाएं बनी हैं...
विज्ञापन
Tech Layoffs - फोटो : Agency (File Photo)
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

टेक कंपनियों में लगातार बड़े पैमाने पर हो रही कर्मचारियों की छंटनी की सबसे ज्यादा मार कंपनियों के अनुसंधान और आविष्कार से जुड़े विभागों पर पड़ रही है। जानकारों के मुताबिक इससे कंपनियों की नई परियोजनाएं बुरी तरह प्रभावित होंगी। उसका दीर्घकालिक असर होगा। अंदेशा है कि इससे कई कंपनियां कटिंग एज टेक्नोलॉजी (अत्याधुनिक तकनीक) में पिछड़ जाएंगी।

टेक कंपनियों को आमदनी गिरने की आशंका के बीच कर्मचारियों की छंटनी करनी पड़ी है। जानकारों के मुताबिक रोजमर्रा के कार्य संचालन से जुड़े कर्मचारियों की छंटनी की ज्यादा गुंजाइश नहीं थी। इसलिए सबसे ज्यादा मार रिसर्च एंड डेवलपमेंट विभागों पर पड़ी है। 

विज्ञापन


ब्लूमबर्ग मीडिया ने इस हफ्ते अपनी एक रिपोर्ट में बताया कि माइक्रोसॉफ्ट ने जिन दस हजार कर्मचारियों को हटाया है, उनमें कई उसके होलोलेंस मिक्स्ड रियलिटी टीम से संबंधित हैँ। इससे यह सवाल उठ खड़ा हुआ है कि क्या कंपनी अब तीसरी पीढ़ी के होलोलेंस हेडसेट बना पाएगी। इस बारे में जानकारी हासिल करने के लिए वेबसाइट एक्सियोस.कॉम ने कंपनी के प्रवक्ता से संपर्क किया। इस पर प्रवक्ता ने सिर्फ यह कहा कि होलोलेंस-2 पर इन छंटनियों से कोई असर नहीं पड़ेगा और कंपनी मिक्स्ड रिएलिटी (को आगे बढ़ाने) के प्रति वचनबद्ध है।

टीवी चैनल सीएनबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक अमेजन कंपनी ने जिन कर्मचारियों की छंटनी की है, उनमें बड़ी संख्या उनकी है, जो रोबोटिक्स और ड्रोन डिलिवरी विभागों में काम करते थे। वैसे अमेजन के प्रवक्ता ने सार्वजनिक रूप से यही कहा है कि आविष्कार कंपनी के कारोबार के केंद्र में है। रोबोटिक्स और ड्रोन डिलीवरी के क्षेत्र में सफलताओं के बाद अब कंपनी ने प्राइम वीडियो, एलेक्सा, ग्रॉसरी, कुइपर, जूक्स और हेल्थकेयर के क्षेत्रों में नई पहल शुरू की है।  

उधर गुगल की मालिक अल्फाबेट कंपनी की छंटनी से उसके अनुसंधान विभाग प्रभावित हुए हैं। कंपनी के स्वास्थ्य देखभाल संबंधी अनुसंधान संगठन वेरिली लाइफ साइंसेज विभाग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं रोबिक्स कंपनी- इंट्रिन्सिक के अनेक कर्मचारी नौकरी से हटा दिए गए हैं। उधर फेसबुक को चलाने वाली कंपनी मेटा ने मेटावर्स विकसित करने से जुड़े कई कर्मचारियों की छंटनी की है।

विशेषज्ञों के मुताबिक ब्याज दरों में वृद्धि और विश्व अर्थव्यवस्था के संकटग्रस्त होने के कारण बड़ी कंपनियों को नया बिजनेस प्लान अपनाना पड़ रहा है। इसके तहत खर्च घटाने के लिए उन्होंने कर्मचारियों की छंटनी का रास्ता चुना है। इसका शिकार भविष्य को ध्यान में रख कर तैयार की जा रही परियोजनाएं बनी हैं। माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्य नडेला ने एक मीडिया इंटरव्यू में कहा है- ‘संभवतया अगले दो साल बेहद चुनौती भरे होंगे।’

टेक कंपनियों ने कहा है कि कर्मचारियों को हटाना हमेशा ही पीड़ादायक होता है। लेकिन उन्होंने ध्यान दिलाया है कि अतीत में नौकरी से हटाए गए प्रतिभाशाली कर्मचारियों ने कई नई पहल की, जो बाद में बड़े बिजनेस के रूप में सामने आया। इस बार भी अगर ऐसा हो, तो उस संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने यह भी कहा है कि जिन भावी परियोजनाओं पर कर्मचारी काम कर रहे थे, वे सचमुच हकीकत बन पातीं या उनके हकीकत बनने में कितना वक्त लगता, इस बारे में कुछ निश्चित नहीं था। इसलिए सबसे पहले वे कर्मचारी छंटनी का शिकार बने हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें