31 अगस्त को भारत ने पहली बार तालिबान के साथ आधिकारिक बातचीत की। इस दौरान भारत ने अपनी चिंताएं तालिबान नेता शेर मोहम्मद अब्बास स्तनिकजई से साझा की।बैठक में भारत ने कहा कि अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल भारत विरोधी गतिविधियों या किसी तरह से आतंकवाद के लिए नहीं होना चाहिए।
शाहीन ने भारतीय पत्रकार दानिश सिद्दीकी की हत्या से जुड़े सवाल पर कहा कि उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं है कि किन हालातों में ऐसा हुआ। शाहीन ने कहा कि झड़प के दौरान दानिश की मौत हुई थी। रॉयटर्स से जुड़े दानिश की हत्या अफगानिस्तान में कर दी गई थी जिसकी दुनिया भर में निंदा हुई थी।प्रवक्ता ने दानिश को मारने के आरोपों को ख़ारिज करते हुए कहा कि लोग बेबुनियादी बातें करते हैं। दानिश की हत्या की जांच से जुड़ी सारी जानकारियां जल्द मीडिया से साझा की जाएगी।
शाहीन ने उन खबरों को भी खारिज किया, जिनमें कहा गया है कि तालिबान घर-घर जाकर अपने टार्गेट खोज रहा है और परिवार वालों को धमकियां दे रहा है। उन्होंने दावा किया कि उनकी कोई भी हिट लिस्ट नहीं है।