फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ट्रंप के अफगान शांति वार्ता रद्द करने से भड़का तालिबान, बोला- अब ज्यादा अमेरिकी मरेंगे

Mon, 09 Sep 2019 09:58 AM IST
Priyesh Mishra वर्ल्ड डेस्क, अफगानिस्तान
विज्ञापन
तालिबान - फोटो : social media
विज्ञापन
अफगान शांति वार्ता को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा रद्द किए जाने के बाद भड़के तालिबान ने अमेरिका को धमकी दी है। तालिबान के प्रवक्ता ने कहा कि शांति वार्ता के विफल होने से अब ज्यादा अमेरिकी लोगों की जानें जाएंगी। 
विज्ञापन


तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने शांति वार्ता को बंद करने के लिए ट्रंप की आलोचना की और कहा कि इससे अमेरिका को और नुकसान होगा। जिस वक्त डोनाल्ड ट्रंप हमले की दुहाई दे रहे हैं, उसी वक्त अमेरिकी सेना भी अफगानिस्तान में लगातार बम बरसा रही है।

जबीहुल्लाह ने कहा कि इस कदम से अमेरिका की दुनिया में विश्वसनीयता प्रभावित होगी, उसका शांति विरोधी रूख दुनिया के सामने आएगा और जान-माल का नुकसान बढ़ेगा।
विज्ञापन


गौरतलब है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने रविवार को कहा था कि तालिबान और अफगानिस्तान के नेताओं के साथ कैम्प डेविड में होने वाली गोपनीय बैठक रद्द कर दी गई है। काबुल में पिछले सप्ताह हुई बमबारी के मद्देनजर यह कदम उठाया गया है।

ट्रम्प ने कहा था कि उन्हें रविवार को कैम्प डेविड में दो पक्षों के साथ अलग-अलग वार्ता करनी थी, लेकिन तालिबान के लगातार हिंसात्मक कृत्यों ने उसे विश्वास ना करने योग्य बना दिया।
विज्ञापन

अमेरिका और तालिबान के बीच खुले हैं बातचीत के दरवाजे: पोम्पिओ

mike pompeo - फोटो : Twitter
अफगानिस्तान में शांति और स्थायित्व के लिए अमेरिका और तालिबानी नेताओं के साथ होने वाली गोपनीय बैठक राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा रद्द किए जाने के बावजूद दोनों के बीच बातचीत के दरवाजे पूरी तरह से बंद नहीं हुए हैं।

विदेश मंत्री माइक पाम्पिओ ने कई साक्षात्कारों में इस बात के संकेत दिए कि अमेरिका और तालिबानी नेताओं के बीच बातचीत दोबारा हो सकती है लेकिन इसके लिए अमेरिका, तालिबान से प्रतिबद्धता चाहता है।

पोम्पिओ ने कहा कि मैं निराशावादी नहीं हूं। मैंने तालिबान को वे कहते और करते देखा है जो उन्हें पहले करने की अनुमति नहीं थी। मैं उम्मीद करता हूं कि इस मामले पर तालिबान अपने बर्ताव में परिवर्तन लाएगा और उन बातों पर दोबारा प्रतिबद्धता जताएगा जिन पर हम कई महीनों से बात कर रहे थे। अंत में इसका समाधान कई चरण की बातचीत से ही होगा।

उन्होंने कहा कि वह तालिबान से अफगानिस्तान की अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सरकार से बातचीत ना करने के हठ को छोड़ने की अपील भी करते हैं।

 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें