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तालिबान : प्रमुख शहरों में अफगानिस्तान के पास बचा बस काबुल, जलालाबाद पर भी हुआ कब्जा 

Sun, 15 Aug 2021 09:25 AM IST
Trainee Trainee वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काबुल

सार

तालिबान तेजी से काबुल की ओर बढ़ रहा है। उसके रास्ते में जो भी शहर आ रहा है, उसे वह अपने कब्जे में ले रहा है। अब तालिबान ने जलालाबाद में अपना कब्जा जमा लिया है।
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तालिबान आंतकी
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विस्तार
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अफगानिस्तान में तालिबान का कहर जारी है। हर दिन तालिबान, काबुल के नजदीक बढ़ रहा है और उसके रास्ते में आने वाले सभी शहरों को अपने कब्जे में ले रहा है। अब खबर सामने आ रही है कि तालिबान ने नांगरहार प्रांत की राजधानी जलालाबाद पर भी अपना कब्जा जमा लिया है। इसके बाद अफगानिस्तान के पास प्रमुख शहरों में सिर्फ काबुल ही बचा है, जिस पर अभी भी अफगान सरकार का राज है। 

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पूर्वी हिस्से से पूरी तरह टूटा काबुल का संपर्क
जलालाबाद पर तालिबान के कब्जे बाद काबुल का अफगान के पूर्वी हिस्से से संपर्क पूरी तरह से टूट गया है। वहीं अन्य कई शहरों पर कब्जा जमाने के बाद काबुल अलग-थलग हो चुका है। इससे पहले अफगानिस्तान के चौथे सबसे बड़े शहर मजार-ए-शरीफ पर शनिवार को तालिबान का कब्जा हो गया था। अब जलालाबाद पर कब्जे की जानकारी अफगानी सांसद व तालिबान, दोनों की ओर से दी गई है। एक तरफ तालिबान की ओर से कुछ तस्वीरें जारी की गईं। इसमें जलालाबाद के राज्यपाल कार्यालय में तालिबानी नजर आ रहे  हैं। तो दूसरी ओर प्रांत के सांसद अबरारुल्लाह ने बताया कि अफगानिस्तान में एक मजबूत शहर पर कब्जा कर लिया गया है, जो अफगान सरकार क लिए बड़ा झटका है। 

19वीं प्रांतीय राजधानी पर कब्जा 
पिछले एक सप्ताह से तालिबान ज्यादा ही आक्रामक हो गया है। वह बहुत तेजी से अफगानिस्तान की प्रांतीय राजधानियों को अपने कब्जे में ले रहा है। जलालाबाद ऐसी 19वीं प्रांतीय राजधानी है, जिसे तालिबान ने कब्जाया है। इससे पहले गजनी, , हेरात, कंधार, हेलमंद समेत 18 राजधानियां भी उसके कब्जे में आ चुकी हैं। 
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काबुल से चंद दूरी पर तालिबान 
एक के बाद एक शहर को अपने कब्जे में लेते हुए तालिबान, काबुल के बहुत नजदीक पहुंच गया है। खबरों के अनुसार कुछ काबुल से कुछ किलोमीटर की दूरी पर ही तालिबानी आतंकी मौजूद हैं। इससे काबुल में दहशत का माहौल बन गया है। लोग खुले आसमान के नीचे रातें गुजारते हुए डर रहे हैं। सेव द चिल्ड्रन के मुताबिक घरों से भागकर काबुल में शरण लेने वालों में 72,000 बच्चे भी शामिल हैं। शरणार्थियों के पास रोटी और बच्चों की दवाई के लिए पैसे तक नहीं बचे हैं। तालिबान के कब्जाए शहरों में इन शरणार्थियों के घर जला दिए गए हैं। इधर, संयुक्त राष्ट्र ने पड़ोसी देशों से उनकी सीमाएं खुली रखने का आग्रह किया है।
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