ताइवान में वोटिंग के लिए लाइन में खड़े लोग
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ताइवान में मौजूद मतदान केंद्रों के बाहर हजारों लोग देश के नए राष्ट्रपति और संसद के सदस्यों का चुनाव करने के लिए लाइन लगाकर खड़े हुए हैं। यहां की राजनीति चीन के साथ रिश्तों पर हावी है। मतदान सुबह आठ बजे से शुरू हो चुके हैं जो शाम के चार बजे तक जारी रहेंगे। मतदान खत्म होने के लगभग चार घंटे बाद परिणाम की घोषणा हो जाएगी।
राष्ट्रपति साई इंग-वेन को दूसरी बार सत्ता में आने की उम्मीद है। अपने प्रचार अभियान के दौरान उन्होंने खुद को लोकतंत्र के समर्थक के तौर पर पेश किया है। साई के प्रतिद्वंदी और पूर्व राष्ट्रपति विलियम लाई, जिन्होंने एक समय खुद को ताइवान का स्वतंत्र कार्यकर्ता घोषित किया था वह भी चुनावी मैदान में हैं।
हालांकि चीन-समर्थक कुओमिन्तांग (केएमटी) काओसियुंग मेयर हान काओ-यू साईं के मुख्य प्रतिस्पर्धी हैं। उन्होंने चीन के साथ रिश्ते सुधारने का संकल्प लिया है। ताइवान चीन के दक्षिण-पूर्वी तट पर स्थित है और 19वीं शताब्दी के आखिर से द्वितीय विश्व युद्ध के अंत तक एक जापानी उपनिवेश था।
चीन यह दावा करता रहा कि ताइवान उसका हिस्सा है और बार-बार कहता रहा है कि ताइवान का एकीकरण होकर रहेगा जिसे दुनिया की कोई ताकत नहीं रोक सकती है। ताइवान के केंद्रीय चुनाव आयोग के अनुसार देश में 19.3 मिलियन (एक करोड़, 90 लाख, 30 हजार) योग्य मतदाता हैं।
नागरिक 20 वर्ष की आयु से मतदान करने के लिए पात्र हो जाते हैं। इससे पहले ताइवान ने चीन के ‘एक देश, दो व्यवस्था’ वाले प्रस्ताव ठुकरा दिया था। राष्ट्रपति साई इंग वेन ने तीन जनवरी को कहा था कि उन्हें चीन का प्रस्ताव मंजूर नहीं है। ताइवान का कहना है कि यह फॉर्मूला हांगकांग में पूरी तरह से नाकाम हो गया है ऐसे में इसे स्वीकार करने का कोई सवाल ही नहीं उठता है।