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Taiwan: चीन-ताइवान में फिर तनातनी, पीएलए के छह चीनी लड़ाकू विमानों ने की घुसपैठ की कोशिश

Mon, 15 Jan 2024 03:36 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

बयान में बताया गया है चीन की पीपल्स लिबरेशन आर्मी के एक सैन्य परीक्षण वाले ड्रोन ने ताइवान स्ट्रेट मीडियन लाइन को पार किया और देश के दक्षिण पश्चिमी हवाई क्षेत्र तक पहुंच गया था। 
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चीन ने ताइवान के हवाई क्षेत्र का उल्लंघन किया। - फोटो : Social Media
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विस्तार
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चीन और ताइवान के बीच लगातार तनातनी चल रही है। शनिवार और रविवार को चीन की सेना ने ताइवान की सीमा में घुसपैठ की कोशिश की। हालांकि ताइवान की सेना ने भी इसका जवाब दिया। ताइवान के मिनिस्ट्री ऑफ नेशनल डिफेंस ने सोमवार को बयान जारी कर बताया कि छह चीनी लड़ाकू विमान 14 जनवरी और 15 जनवरी को सुबह करीब छह बजे ताइवान की सीमा के करीब देखे गए। साथ ही चीन की नौसेना के चार युद्धक जहाज भी ताइवान की सीमा के नजदीक देखे गए। 
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ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने जारी किया बयान
बयान में बताया गया है चीन की पीपल्स लिबरेशन आर्मी के एक सैन्य परीक्षण वाले ड्रोन ने ताइवान स्ट्रेट मीडियन लाइन को पार किया और देश के दक्षिण पश्चिमी हवाई क्षेत्र तक पहुंच गया था। ताइवान ने बताया कि उनकी सेना ने भी जवाबी कार्रवाई की और तुरंत अपने लड़ाकू विमान और नौसैन्य नौकाओं को मौके पर भेजा। साथ ही अपने एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम को एक्टिव कर दिया। ताइवानी मीडिया के अनुसार, रविवार को ही ताइवान की सीमा में एक संदिग्ध चीनी गुब्बारा भी देखा गया। हालांकि शाम करीब साढ़े चार बजे चीन का संदिग्ध गुब्बारा उत्तर पूर्वी सीमा से ताइवान की सीमा से बाहर निकल गया। 

ताइवान की सीमा के नजदीक अब तक करीब 114 चीनी एयरक्राफ्ट और 65 नौसैन्य जहाज देखे जा चुके हैं। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि चीन ताइवान के खिलाफ ग्रे जोन टैक्टिक्स का इस्तेमाल कर रहा है। इसके तहत चीन के लड़ाकू विमान लगातार ताइवान की सीमा के आसपास उड़ान भर रहे हैं। कई बार इन लड़ाकू विमानों ने ताइवान की सीमा में घुसपैठ भी की है। 
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ताइवान में चीन विरोधी माने जाने वाले विलियम लाई को मिली थी जीत
गौरतलब है कि ताइवान में हाल ही में राष्ट्रपति चुनाव हुए हैं। इन चुनाव में चीन के विरोधी माने जाने वाले डेमोक्रेटिक पीपुल्स पार्टी के अध्यक्ष विलियम लाई को जीत मिली है। विलियम लाई ताइवान के अगले राष्ट्रपति होंगे। चीन ने लाई को परेशानी पैदा करने वाला बताया था। ऐसे में चीनी सेना की ताइवान की सीमा में घुसपैठ को भी इसी से जोड़कर देखा जा रहा है। चुनाव में जीत के बाद लाई ने कहा था कि आपसी सम्मान के आधार पर चीन के साथ बातचीत होगी। चीन लाई पर ताइवान की आजादी का समर्थक होने का आरोप लगाता रहा है। चीन, ताइवान को अपना हिस्सा मानता है, जबकि ताइवान खुद को संप्रभु राष्ट्र मानता है। चीन के दबान के कारण सिर्फ 13 देशों ने ही ताइवान को एक अलग देश के रूप में मान्यता दी हुई है। 
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