क्षेत्र के 500 पुलिस अफसरों ने बृहस्पतिवार को सुरक्षा कानून का हवाला देते हुए लोकतंत्र समर्थक टैब्लॉइड ‘एपल डेली’ में छापा मारा और पत्रकारों के कंप्यूटर व नोटबुक की छानबीन की।
यह पहला मामला जिसमें अधिकारियों ने मीडिया लेखों को संभावित रूप से राष्ट्रीय सुरक्षा कानून का उल्लघन करने का हवाला दिया है। इस दौरान पुलिस ने अखबार के पांच अधिकारियों को गिरफ्तार कर लिया।
यह छापेमारी मीडिया टाइकून जिमी लाई और बीजिंग के एक कट्टर आलोचक के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। इनकी संपत्ति भी सुरक्षा कानून के तहत जब्त कर ली गई है और वे जेल की सजा काट रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक पुलिस ने ‘एपल डेली’ में छापा मारकर प्रधान संपादक रयान लॉ और चार अन्य वरिष्ठ आधिकारियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस अखबार को लोकतंत्र समर्थक रुख के लिए जाना जाता है और वह अक्सर शहर पर नियंत्रण बढ़ाने के लिए चीन व हांगकांग सरकारों की आलोचना तथा निंदा करता रहता है।
गिरफ्तार लोगों में प्रधान संपादक रयान लॉ, नेक्स्ट डिजिटल के सीईओ चेउंग किम-हुंग, द पब्लिशर के मुख्य संचालन अधिकारी और दो अन्य संपादक शामिल हैं। सरकार ने कहा है कि पुलिस ने यह कार्रवाई राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के उल्लंघन के संदेह में की है। इन पर विदेशी तत्वों के साथ मिलीभगत के आरोप हैं।
चीनी दबाव में मकाऊ ने भी ताइवान में दफ्तर किया बंद
हांगकांग के बाद अब चीनी स्वायत्त क्षेत्र मकाऊ ने भी ताइवान में अपना प्रतिनिधित्व कार्यालय बंद कर दिया है। इस स्वशासित द्वीप को कूटनीतिक रूप से अलग-थलग करने की कार्रवाई तेज करने के चीन के दबाव के बीच यह कदम उठाया गया है।
मकाऊ ने कार्यालय बंद करने की कोई वजह नहीं बताई लेकिन शनिवार से कार्यालय बंद हो जाएगा। हांगकांग की तरह मकाऊ ताइवान में अपने निवासियों को सेवा मुहैया कराने के लिए एक टेलीफोन हॉटलाइन बना रहा है।