अमेरिकी सीनेट ने पानी से जुड़े मुद्दों की विशेषज्ञ भारतीय-अमेरिकी राधिका फॉक्स की पर्यावरणीय संरक्षण एजेंसी के जल कार्यालय के प्रमुख के तौर पर पुष्टि कर दी है। सीनेट ने 43 के मुकाबले 55 मतों से फॉक्स के नाम पर मुहर लगा दी।
सात रिपब्लिकन सीनेटरों ने फॉक्स की उम्मीदवारी का समर्थन किया। दो डेमोक्रेटिक सीनेटरों ने वोट नहीं डाला। पर्यावरण और लोक निर्माण कार्यों (ईपीडब्ल्यू) पर सीनेट की समिति के अध्यक्ष टॉम कार्पर ने कहा, फॉक्स का दो दशकों के करियर में सेवा और उपलब्धि का एक शानदार पेशेवर रिकॉर्ड है। उन्होंने स्थानीय, राज्य और संघीय स्तर पर जल मुद्दों पर काम किया है।
राष्ट्रपति जो बाइडन ने 14 अप्रैल को सहायक जल प्रशासक, पर्यावरणीय संरक्षण एजेंसी के पद के लिए फॉक्स को नामित किया था। फॉक्स अभी कार्यवाहक जल सहायक प्रशासक के पद पर नियुक्त हैं।
ईपीए के जल कार्यालय का काम यह सुनिश्चित करना है कि पेयजल सुरक्षित रहे, बेकार पानी सुरक्षित तरीके से पर्यावरण में लौटे और भूजल का उचित प्रबंधन तथा संरक्षण हो। फॉक्स ने कोलंबिया विश्वविद्यालय से कला विषय में स्नातक किया और कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय से सिटी और रीजनल प्लानिंग में परास्नातक की डिग्री हासिल की है।
बता दें कि राष्ट्रपति जो बाइडन ने कनेक्टिकट के संघीय न्यायाधीश पद के लिए भारतीय-अमेरिकी नागरिक अधिकार अधिवक्ता सरला विद्या नगाला को भी नामित किया है। सीनेट यदि उनके नाम पर मुहर लगाती है तो वे कनेक्टिकट के जिला अदालत की दक्षिण एशियाई मूल की पहली न्यायाधीश होंगी। वे फिलहाल 2017 से कनेक्टिकट में अमेरिकी अटॉर्नी कार्यालय में मुख्य अपराध इकाई की उप प्रमुख के रूप में कार्यरत हैं।
सरला विद्या नगाला 2012 में अमेरिकी अटॉर्नी के कार्यालय से जुड़ीं और उन्होंने नस्ली घृणा से प्रेरित अपराध के मामलों की समन्वयक सहित कई प्रमुख भूमिकाएं निभाईं। इससे पहले, नगाला ने 2009 से 2012 तक सैन फ्रांसिस्को, कैलिफोर्निया में मुंगेर, टोल्स और ओल्सन में एक सहयोगी (एसोसिएट) के रूप में अपनी सेवाएं दीं।