पश्चिम एशियाई देश सीरिया में विद्रोहियों ने मोहम्मद अल-बशीर को अंतरिम सरकार का प्रमुख नियुक्त किया है। खबरों में यह दावा किया जा रहा है। इस्लामी समूह हयात तहरीर अल-शाम (एचटीएस) के नेतृत्व में विद्रोहियों ने राजधानी दमिश्क पर कब्जा करने के बाद मोहम्मद अल-बशीर को अंतरिम सरकार का मुखिया चुना। बता दें कि विरोध बढ़ने के बाद राष्ट्रपति बशर अल-असद को देश छोड़कर भागने पर मजबूर होना पड़ा। अपदस्थ राष्ट्रपति असद को फिलहाल रूस ने राजनीतिक शरण दी है।
कौन हैं अंतरिम सरकार के प्रमुख
अंतरिम सरकार के मुखिया चुने गए बशीर का जन्म 1983 में इदलिब प्रांत के जबल अल-जाविया में हुआ था। इस क्षेत्र में हाल के वर्षों में अधिकांशत: इस्लामी समूह हयात तहरीर अल-शाम (HTS) और इससे थोड़े कम प्रभाव वाले सहयोगी गुटों का असर दिखता है। बशीर ने अलेप्पो विश्वविद्यालय में इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरिंग और इदलिब विश्वविद्यालय में इस्लामी और नागरिक कानून का अध्ययन किया है। वे एक बार सीरिया की सरकारी गैस कंपनी के लिए भी काम कर चुके हैं।
नागरिकों की सहायता में लंबे समय से सक्रिय
इसी साल जनवरी से राष्ट्रपति असद के खिलाफ शुरू हुए विद्रोह में बशीर ने भी अग्रणी भूमिका निभाई। बशर अल-असद की तानाशाही से मुक्ति दिलाने के नाम पर सीरिया में एक मुक्तिदाता सरकार (Salvation Government) भी बनाई गई। इसमें शामिल रहे बशीर ने सरकारी सेवाओं से कटे हुए विद्रोही खेमे के कब्जे वाले क्षेत्र में आम लोगों की सहायता के लिए 2017 में इदलिब में जमकर काम किया। उन्होंने अपने स्वयं के मंत्रालयों, विभागों, न्यायिक और सुरक्षा प्राधिकरणों के साथ अलेप्पो में भी सहायता शुरू कर दी।
असद को सत्ता और देश दोनों छोड़कर भागना पड़ा
अलेप्पो में विद्रोहियों ने इसी साल 27 नवंबर को असद सरकार के खिलाफ आक्रामक अभियान शुरू किया। इसके बाद यह सीरिया का पहला प्रमुख शहर बना जहां विद्रोहियों ने रविवार को बड़े पैमाने पर कब्जा कर लिया। अलेप्पो के साथ विद्रोही खेमे ने राजधानी दमिश्क पर भी कब्जा कर लिया, जिसके कारण असद को सत्ता और देश दोनों छोड़कर भागना पड़ा।
पांच मिलियन आबादी वाले देश में विद्रोह के बीच सरकार चलाने की चुनौती
भले ही बशीर लोगों की मदद कर रहे हैं लेकिन लगभग 22 करोड़ की आबादी वाले इस देश में विद्रोह के बीच सरकार चलाना और बाकी चीजों का प्रबंधन टेढ़ी खीर साबित होगी। खास तौर से तब जब पश्चिम एशिया इस्राइल-हमास-ईरान-हिज्बुल्ला टकराव के कारण अशांत है।
विद्रोह के अगुआ का दावा- अधिकारियों के पास बहुत उच्च स्तर का अनुभव
सीरिया गहरे विभाजन से त्रस्त है। बहुत से लोग गरीबी में गुजर-बसर करने को मजबूर हैं। विद्रोही खेमे से इतर भी सरकारी गढ़ों पर नियंत्रण की होड़ मची है। तमाम उथल-पुथल के बीच आत्मविश्वास से लबरेज दिख रहे सीरिया में विद्रोह की अगुआई करने वाले नेता अबू मोहम्मद अल-जोलानी ने निवर्तमान प्रधानमंत्री मोहम्मद अल-जलाली से कहा, भले ही इदलिब छोटा इलाका है और यहां संसाधनों की कमी है, लेकिन यहां रहने वाले लोगों और अधिकारियों के पास "बहुत उच्च स्तर का अनुभव है।" जोलानी के मुताबिक कुछ मुद्दों पर उन्हें "बड़ी सफलता" मिली है।
असद परिवार का 50 वर्षीय शासन सिर्फ 10 दिनों में समाप्त हुआ
इससे पहले सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल-असद के रूस भागने और देश पर विद्रोहियों का कब्जा होने के बाद राजधानी दमिश्क की सड़कों पर जबरदस्त जश्न मनाया गया। विद्रोहियों ने असद के शासन में कैद किए गए कई कैदियों को भी सोमवार तड़के कालकोठरियों से मुक्त कराया। असद परिवार के करीब 50 वर्षीय शासन को सिर्फ 10 दिनों में विद्रोहियों ने हमला बोलकर खत्म कर दिया और अब राजनीतिक कैदियों को आजाद कराने के लिए जेलों व सुरक्षा सुविधाओं में तोड़फोड़ की।