दूतावास की वेबसाइट पर एक नोटिस में कहा गया है, इस्लामाबाद में मौजूदा सुरक्षा स्थिति के कारण, स्वीडन का दूतावास आगंतुकों के लिए बंद है। माइग्रेशन सेक्शन फिलहाल किसी भी तरह के अनुरोधों को नियंत्रित करने में सक्षम नहीं है।
यूरोपीय देश स्वीडन ने पाकिस्तान में अपने दूतावास को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया है। स्वीडन ने संकटग्रस्त देश की राजधानी में मौजूदा "सुरक्षा स्थिति" के कारण पाकिस्तान में अपने दूतावास को अनिश्चित काल के लिए बंद करने की घोषणा की है। दूतावास ने खतरे की प्रकृति के बारे में विस्तार से नहीं बताया, लेकिन सरकार और सुप्रीम कोर्ट के बीच बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान की राजनीतिक स्थिति खराब होती जा रही है।
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पाकिस्तान का सर्वोच्च न्यायालय विभिन्न मामलों के लिए अपनी पसंद के पैनल बनाने के मुख्य न्यायाधीश की शक्तियों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से एक विधेयक को रद्द करने की याचिका पर सुनवाई कर रहा है। दूतावास की वेबसाइट पर एक नोटिस में कहा गया है, इस्लामाबाद में मौजूदा सुरक्षा स्थिति के कारण, स्वीडन का दूतावास आगंतुकों के लिए बंद है। माइग्रेशन सेक्शन फिलहाल किसी भी तरह के अनुरोधों पर कार्यवाही करने में सक्षम नहीं है। इसमें कहा गया है, साथ ही हम अपने वाणिज्य दूत गेरी एस या आपके घर के पते पर कोई दस्तावेज नहीं भेज सकते हैं। हम समझते हैं कि इससे असुविधा होगी। लेकिन, हमारे आवेदकों और कर्मचारियों के सदस्यों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
नोटिस में यह भी कहा गया है कि मिशन को फिर से खोलने के संबंध में किसी भी प्रश्न का उत्तर फिलहाल नहीं दिया जा सकता है। कई लोगों का मानना है कि यह निर्णय स्वीडन में कुरान को जलाने की हालिया घटना से जुड़ा हुआ है। स्वीडिश पुलिस की सुरक्षा में 21 जनवरी को स्टॉकहोम में तुर्किये दूतावास के सामने एक डेनिश-स्वीडिश अति-दक्षिणपंथी चरमपंथी ने कुरान की एक प्रति जलाई थी, जिसकी दुनिया भर के मुसलमानों ने निंदा की थी। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और अपदस्थ प्रधानमंत्री इमरान खान सहित पाकिस्तान के कई राजनीतिक नेताओं ने भी इस घटना की निंदा की थी।
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स्वीडन के दूतावास के बंद होने से प्रवासी पाकिस्तानी और छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जिन छात्रों ने स्वीडन में अगस्त के अंतिम सप्ताह में शुरू होने वाले नए शैक्षणिक सत्र के लिए अपना नामांकन कराया है, वो अपनी फीस का भुगतान नहीं कर पा रहे हैं।
ARY न्यूज की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस्लामाबाद स्थित दूतावास बंद होने के कारण विदेशों में रहने वाले पाकिस्तानी अपने परिवार वालों से संपर्क नहीं कर पा रहे हैं।राजनयिक सूत्रों ने बताया है कि आमतौर पर स्वीडिश वीजा जारी करने में चार से छह महीने का वक्त लग जाता है।