अमेरिका में एनएक्सआईवीएम नामक संगठन के बैनर तले अरबपतियों और हॉलीवुड अभिनेताओं समेत कई लोगों अनुयायी बनाने वाले स्वयंभू गुरु कीथ रेनियर को न्यूयॉर्क अदालत ने 120 साल की जेल सुनाई है। इस 60 वर्षीय गुरु को अदालत ने महिलाओं को यौन गुलाम बनाने के लिए रैकेट और संप्रदाय या पंथ चलाने का दोषी माना है। कीथ अब आजीवन जेल में रहेगा।
न्यूयॉर्क की अदालत ने आरोपी कीथ रेनियर को रैकेट या संप्रदाय चलाने का दोषी पाया
कीथ रेनियर पर कई महिलाओं ने बहला-फुसलाकर उन्हें यौन गुलाम (सैक्स स्लेव) बनाने का आरोप लगाया है। अपनी संस्था एनएक्सआईवीएम के जरिये यह गुरु अमीर और प्रभावशाली महिला भक्तों को आकर्षित करता था और उससे जबरन रिश्ते बनाता था। अदालत ने उसे सेल्फ हेल्प ग्रुप सोसायटी चलाने की आड़ में महिलाओं के साथ जबरदस्ती करने का दोषी पाया है।
कीथ 5 दिन के सेल्फ हेल्प कोर्स के लिए अनुयायियों से 5,000 डॉलर लेता था और उनमें से अधिकांश भक्तों का आर्थिक व यौन शोषण करता था। उसके संगठन में कीथ रेनियर को छोड़कर सभी सदस्य महिलाएं थीं जिसमें शीर्ष पद पर वह खुद काबिज था। मंगलवार को 15 लोगों समेत 13 महिलाओं ने ब्रुकलिन अदालत में अपने बयान दर्ज कराए जबकि 90 से ज्यादा पीड़ितों ने जज निकोलस ग्राफुइस को पत्र लिखकर अपनी आपबीती बताई।
महिलाओं को जानवरों जैसे रखता था
यौन गुलाम महिलाओं से कीथ के साथ जबरन रिश्ते बनाने को कहा जाता था। उन्हें निजी जानकारी और अंतरंग फोटो दिखाकर ब्लैकमेल किया जाता। कई महिलाओं को जानवरों की तरह रखा जाता था ताकि दूसरे इसे देखकर डर सकें। कोर्ट ने जून 2019 में ही केनेथ को सात मामलों में दोषी पाया था। उसने 1998 में एनएक्सआईवीएम संगठन बनाया था।
वकील के तर्क से जज भी हुए नाराज
पीड़ितों के ढाई घंटे तक हुए बयानों के बाद जज निकोलस ग्राफुइस अधीर हुए। वे उस वक्त नाराज हो गए जब बचाव पक्ष के वकील मार्क एग्निफिलो ने अपने क्लाइंट के संगठन को महिलाओं के लिए अच्छा करने के रूप में चित्रित किया। जज ने नाराजी जताते हुए कहा, आप कैसी बातें करते हैं। कीथ रेनियर ने कई लोगों का यौन रूप से फायदा उठाया है।