हसन होम्सी पेशे एक ढाबे के मालिक हैं, वो विस्फोट के समय अपनी बेटी के घर पर थे और कॉफी पी रहे थे। उन्होंने बताया कि हमने विस्फोट की आवाज सुनी। आवाज बहुत डरावनी थी। इस आवाज के साथ कांच भी तुरंत टूट गया।
हमने देखा कि घायल जमीन पर गिर रहे हैं। मैंने पूरा लेबनान युद्ध देखा है, इसलिए मैं सामान्य था। मैंने घायलों की मदद की। खून की गंध अब भी मेरे कपड़ों में है। मैं बहुत दुखी हूं और गरीब लोगों के लिए चिंतित हूं।
लोग इस्राइल.. इस्राइल चिल्ला रहे थे...
मीरा बेरी कहती हैं कि वह बेरूत की जेमायजेह गली में थीं, तभी एक पिज्जा रेस्तरां के पास की पूरी इमारत गिर गई। उन्होंने बताया कि हमने पहले आवाज सुनी तो लोग चिल्ला रहे थे कि बैंक में विस्फोट हुआ है। तब लोग इस्राइल चिल्ला रहे थे और फिर चिल्लाना बंद कर दिया। ये सबसे बुरा अनुभव था।
मैं जमीन पर गिर गई थी, मेरे दोस्त ने मुझे बचाया और हम बच गए। हम दोनों ठीक हैं। मैं अपने दोस्तों के घर की तरफ भागी कि क्या हमारे दोस्त जीवित हैं कि नहीं। वे वहां नहीं थे लेकिन वो सुरक्षित थे।
अली शेख फैमली कैफे चलाते हैं, वह बताते हैं कि मैं अपने पापा और भाई के साथ कैफे में था, तभी लगा भूकंप आया। हमने सोचा कि कोई नहीं, भूकंप है चला जाएगा। लेकिन अचानक से कांच टूटकर जमीन पर गिरने लगा, टीवी गिर गई और हमारे चाय के कप टूट गए। मेरे पिता सदमे में थे। मैंने सोचा कि विस्फोट मेरे कैफे के सामने ही हुआ है। विस्फोट बहुत शक्तिशाली था। जब मैं घर गया तो रास्ते भर कांच ही कांच बिखरा हुआ था।
हम अपने बड़े घर लेबनान के लिए बहुत दुखी हैं..
इमाद औन बताते हैं कि वह बेरूत से सिडोन अपने घर गए थे। नहाए, खाना खाया और आराम कर ही रहे थे कि तेज विस्फोट हुआ और वह अपनी कुर्सी से गिर गए। आगे कहते हैं कि मैंने अपनी पत्नी को बताया कि समुद्र में कुछ हुआ है। तभी मेरी बेटी ने मुझे बुलाया और कहा कि बेरूत में विस्फोट हुआ है।
मैंने कहा तुम पागल हो विस्फोट सिडोन में हुआ है। हालांकि बाद में पता चला कि वाकई में धमाका बेरूत में हुआ है। मेरी बेटी सही थी। मैं सोच नहीं पा रहा था कि क्या हो रहा है? ये एक काली रात थी। हम अपने बड़े घर लेबनान के लिए बहुत दुखी हैं।
मरियम शमी एक डांस टीचर हैं। धमाके के वक्त वह डांस की प्रैक्टिस खत्म करके अपने दोस्तों के साथ बेरूत से बाहर घूमने के लिए निकली थीं। उन्होंने अपने दोस्तों को बताया कि मास्क पहन लेना आगे चेक प्वॉइंट पर चेकिंग होगी। इसके बाद वो सब बेरूत की ट्रैफिक लाइट से बाहर निकल गए।
वो बताती हैं कि हमने आसमान में धुआं देखा। मैं अपने दोस्त को वॉयस कॉल कर रही थी। धमाका हुआ और मैंने कहा ओ मैरी! और दूसरे धमाके से मेरा फोन हाथ से छूट गया। मैंने अपने कान बंद कर लिए और सामने एक कार को उड़ते हुए देखा। मैं घबरा गई, गाड़ी चलाती रही, क्योंकि मुझे लगा गोलीबारी हो रही है। भगवान का शुक्र है मैं ठीक थी।
जैसे भूकंप आ गया हो, सब हिलने लगा, सब लोग हिलने लगे
ऐली बकर बेरोजगार इंजीनियर हैं। वे कहते हैं कि जब ये धमाका हुआ तो मैं कोरल बीच पर था, मस्ती कर रहा था, शराब पी रहा था जैसे कुछ नहीं होने वाला हो। तभी धमाका हुआ। मुझे ऐसे लगा जैसे भूकंप आ गया हो, सब हिलने लगा, सब लोग हिलने लगे।
कुछ लोग तो घबरा रहे थे, क्योंकि जानते थे, वो पोर्ट के काफी पास काम करते हैं। हमने अपना सामान पैक किया और रास्ते में ही सभी को बुला लिया। हमारे माता-पिता ने ऐसे हालात पहले भी देखे हैं, लेकिन मेरे लिए यह बिल्कुल नई बात थी।
मैं हवा में 30 मीटर तक उड़ गया...
ओमर नासर की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। वो कहते हैं कि मैं आराम से सड़क पर घूम रहा था। पोर्ट से निकलने वाले धुएं को अपने कैमरे में कैद कर रहा था। तभी 10 मिनट के बाद वो आवाज एक तेज धमाके में बदल गई। मैं हवा में 30 मीटर तक उड़ गया, जैसे मुझे किसी ने 30 मीटर उठाया और पटक दिया।
मैंने देखा कि कांच और मलबा मेरी तरफ आ रहा है, ये देखकर मैं गली में छिप गया। ये सब बहुत अजीब था। लोग सड़कों पर पड़े हुए थे। मैंने अपने एक दोस्त को देखा, वो एक मेज और कुर्सी के नीचे दबा था। उसे निकाला और इलाज कराया। मैंने युद्ध देखा है पर ये अलग था। बहुत भयानक था।