गुरुवार को जारी सर्वे रिपोर्ट को 'लोकतंत्र की समझ : दुनिया में लोग लोकतंत्र का आकलन कैसे करते हैं' नाम दिया गया है। रिपोर्ट इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर डेमाक्रेसी एंड इलेक्टोरल असिस्टेंस (इंटरनेशनल आइडिया) ने जारी की है।
सर्वे में अधिकांश देशों के मतदाता अपनी सरकारों से असंतुष्ट थे, लेकिन भारत और तंजानिया के लोगों को अपने संस्थानों पर भरोसा है और वे अपनी सरकारों से संतुष्ट हैं। 17 देशों में आधे से कम लोग अपनी सरकारों से संतुष्ट हैं जबकि भारत और तंजानिया में क्रमश: 59 और 79 फीसदी लोग अपनी सरकारों से संतुष्ट हैं। यह सर्वे भारत में कराए गए अन्य सर्वेक्षणों के ही अनुरूप हैं जिनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घरेलू रेटिंग 66 फीसदी या अधिक बनी हुई है। खास बात यह है कि करीब आधे (9) देशों में अल्पसंख्यक समूह अपनी सरकारों से बेहद असंतुष्ट हैं। अमेरिका में अल्पसंख्यकों व सरकार से संतुष्ट समूहों के बीच का अंतर 12% है।
आठ देशों के मतदाता मजबूत नेता के पक्षधर
रिपोर्ट के अनुसार, 8 देशों मतदाता देश में मजबूत नेता चाहते हैं। ऐसा एक भी देश नहीं रहा जहां प्रतिक्रिया देने वालों का बहुमत गैर लोकतांत्रित नेतृत्व का पक्षधर हो। ऐसे देश जहां जनप्रतिनिधियों की संख्या अधिक है वहां मजबूत नेता के पक्षधर लोगों की संख्या कम रही।