उपभोक्ता उत्पाद सुरक्षा आयोग, उपभोक्ताओं को खतरनाक उत्पादों से बचाने और गलत उत्पादों को बाजार से वापस मंगाने, गलत प्रैक्टिस करने वाली कंपनियों के खिलाफ मुकदमा दायर करने जैसे कई काम करता है।
सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को बड़ी राहत देते हुए उनके एक फैसले को मंजूरी दे दी है। दरअसल राष्ट्रपति ट्रंप ने उपभोक्ता उत्पाद सुरक्षा आयोग के तीन डेमोक्रेटिक सदस्यों को आयोग से हटा दिया था। हालांकि एक संघीय जज ने ट्रंप के फैसले को गलत बताते हुए उनके आदेश पर रोक लगा दी थी। अब सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप के पक्ष में फैसला दिया है और तीन सदस्यों को हटाने की मंजूरी दे दी।
विज्ञापन
न्याय विभाग ने दायर की थी अपील
न्याय विभाग ने संघीय जज के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की। न्याय विभाग ने दावा किया कि आयोग, राष्ट्रपति ट्रंप के नियंत्रण में है और राष्ट्रपति बिना किसी कारण के आयोग के सदस्यों को हटा सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने भी सरकार के तर्क को माना और ट्रंप प्रशासन के पक्ष में फैसला दिया। उपभोक्ता उत्पाद सुरक्षा आयोग, उपभोक्ताओं को खतरनाक उत्पादों से बचाने और गलत उत्पादों को बाजार से वापस मंगाने, गलत प्रैक्टिस करने वाली कंपनियों के खिलाफ मुकदमा दायर करने जैसे कई काम करता है। इस आयोग में पांच सदस्य होते हैं। इनमें से तीन को पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन ने नामित किया था। आयोग के सदस्यों का कार्यकाल सात साल का होता है।
अदालत ने कहा- ट्रंप कार्यकारी शाखा के प्रमुख, उनके पास सदस्यों को हटाने का अधिकार
ट्रंप ने जब आयोग से तीन डेमोक्रेटिक सदस्यों को हटाया तो बाल्टीमोर के यूएस डिस्ट्रिक्ट जज मैथ्यू मैडॉक्स ने जून में ट्रंप के फैसले पर रोक लगा दी और फैसले को गैरकानूनी करार दिया। मैडॉक्स ने कहा कि आयोग का काम अन्य एजेंसियों से अलग होता है। गौरतलब है कि मैडॉक्स की नियुक्ति जो बाइडन के कार्यकाल के दौरान हुई थी। वहीं ट्रंप प्रशासन का कहना है कि सभी एजेंसियां ट्रंप के नियंत्रण में हैं और कार्यकारी शाखा के प्रमुख होने के नाते ट्रंप को अधिकार है कि वे ऐसे फैसले ले सकते हैं।