पूर्व नरेश ज्ञानेंद्र ने 19 फरवरी को प्रजातंत्र दिवस के अवसर पर एक बयान जारी कर लोगों से समर्थन मांगा था। आरपीपी सहित अन्य दलों ने पूर्व नरेश के बयान का समर्थन किया था। इस के बाद जब पूर्व नरेश पहली बार रविवार को काठमांडो लौटे ते उनका भव्य स्वागत हुआ।
नेपाल के पूर्व नरेश ज्ञानेंद्र शाह पोखरा में एक महीने के प्रवास के बाद रविवार को काठमांडो लौटे। हवाईअड्डे पर समर्थकों का बड़ा जमावड़ा रहा, जिन्होंने प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के खिलाफ नारेबाजी भी की।
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नेपाली पीएम ओली ने दी चुनौती
पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए नेपाली पीएम ओली ने भी पूर्व नेपाल नरेश ज्ञानेंद्र शाह को मुख्यधारा की राजनीति में आकर चुनाव लड़ने की चुनौती दी। इससे पहले काठमांडो के विभिन्न हिस्सों से निकाली गईं रैलियों में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तस्वीरें भी दिखीं। इस बीच, सरकार के प्रवक्ता ने कहा कि देश में राजशाही की वापसी की कोई संभावना नहीं है। नेपाल के पूर्व नरेश ज्ञानेंद्र शाह (77) पोखरा स्थित अपने वंश के मंदिर में आलमदेवी के दर्शन के लिए गए थे। त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर उतरने के बाद जब ज्ञानेंद्र बाहर निकले तो समर्थकों ने गर्मजोशी से उनका स्वागत किया।
ज्ञानेंद्र ने लोगों से मांगा था समर्थन
पूर्व नरेश ज्ञानेंद्र ने 19 फरवरी को प्रजातंत्र दिवस के अवसर पर एक बयान जारी कर लोगों से समर्थन मांगा था। आरपीपी सहित अन्य दलों ने पूर्व नरेश के बयान का समर्थन किया था। इस के बाद जब पूर्व नरेश पहली बार रविवार को काठमांडो लौटे ते उनका भव्य स्वागत हुआ। आरपीपी नेताओं ने अपनी पूर्वनिर्धारित बैठक भी स्थगित कर दी और पूर्व राजा का स्वागत करने चले गए।