भारतीय मूल की अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स 286 दिनों के बाद धरती पर वापस लौट आई हैं। अंतरिक्ष एजेंसी- नासा के वैज्ञानिकों के मुताबिक सुनीता और बैरी विल्मोर को लेकर लौट रहा यान तड़के 3.27 बजे अमेरिका के फ्लोरिडा में समुद्र तल पर उतारा। अलेक्जेंडर गोरबुनोव फ्लोरिडा के तल्हासी में स्पेसएक्स ड्रैगन अंतरिक्ष यान से पृथ्वी पर वापस लौटे। यान का सफल स्प्लैशडाउन होने के बाद, बारी-बारी से निक हेग, बुच विल्मोर, सुनीता विलियम्स और रोस्कोस्मोस के अंतरिक्ष यात्री खुशी-खुशी हाथ हिलाते और मुस्कुराते हुए वापस आए। पृथ्वी पर आने के साथ ही सुनीता विलियम्स ने अपना हाथ दिखाकर वहां उपस्थित लोगों का अभिवादन किया।
#WATCH | Being stranded at the International Space Station for 9 months, Sunita Williams is back on Earth with a smile
Today, NASA's SpaceX Crew-9 - astronauts Nick Hague, Butch Wilmore, Sunita Williams, and Roscosmos cosmonaut Aleksandr Gorbunov returned to Earth after the… pic.twitter.com/mdZIQTG4SN
— ANI (@ANI)
March 18, 2025
बता दें कि
सुनीता विलियम्स का अंतरिक्ष मिशन 5 जून 2024 को शुरू हुआ था, जो केवल 8 दिनों का था, लेकिन तकनीकी समस्याओं के कारण वे और उनके साथी बुच विल्मोर, निक हेग और रोस्कोस्मोस 9 महीने तक अंतरिक्ष में फंसे रहे।
अंतरिक्ष में 9 महीने के बाद यात्रियों को स्वास्थ्य पर होगा असर
गौरतलब है कि अंतरिक्ष में लंबे समय तक रहने के बाद, हड्डियों और मांसपेशियों पर काफी बुरा असर पड़ सकता है। इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (आईएसएस) में अंतरिक्ष यात्री माइक्रोग्रैविटी (यानि गुरुत्वाकर्षण की कमी) में तैरते हैं, जो उनके शरीर पर असर डालता है। देखा जाए तो पृथ्वी पर हमारे शरीर को हमेशा गुरुत्वाकर्षण के खिलाफ काम करना पड़ता है, जिससे हमारी मांसपेशियां और हड्डियां मजबूत रहती हैं। लेकिन अंतरिक्ष में यह गुरुत्वाकर्षण नहीं होता, जिससे मांसपेशियों की ताकत और हड्डियों का घनत्व घटने लगता है।
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हड्डियों पर बूरा प्रभाव
एक ओर बड़ी बात ये भी है कि अंतरिक्ष यात्री हर महीने अपनी हड्डियों का 1% हिस्सा खो सकते हैं, खासकर कमर, कूल्हे और जांघ की हड्डियों में। इसका मतलब है कि पृथ्वी पर लौटने के बाद हड्डियां टूटने का खतरा बढ़ सकता है। इसे कम करने के लिए अंतरिक्ष यात्री आईएसएस में कड़ी कसरत करते हैं ताकि हड्डियों को मजबूत बनाए रखा जा सके।
भारतवंशी अंतरिक्ष यात्री ने बनाए कई बड़े रिकॉर्ड्स
सुनीता विलियम्स ने आईएसएस पर इस बार अपना सबसे लंबे समय तक रहने का रिकॉर्ड बनाया। एक बार में 286 दिन तक अंतरिक्ष में रहकर सुनीता नासा की रिकॉर्ड बुक में भी अपना नाम दर्ज करा चुकी हैं। दरअसल, अमेरिकी अंतरिक्ष यात्रियों की बात करें तो एक दौरे में सबसे ज्यादा दिन तक आईएसएस पर रहने का रिकॉर्ड अब तक फ्रैंक रूबियो के पास है। वहीं, मार्क वांडे हेई अब तक 355 दिन आईएसएस पर बिताए हैं। इसके बाद स्कॉट केली, महिला अंतरिक्ष यात्री क्रिस्टिना कॉश और पेगी व्हिट्सन का नंबर है।
इस लिहाज से एक दौरे में आईएसएस पर सबसे ज्यादा दिन बिताने वाले अंतरिक्ष यात्रियों में सुनीता विलियम्स छठे नंबर पर काबिज हो गई हैं। हालांकि, इसके लिए उन्होंने इस बार अंतरिक्ष यात्री एंड्रयू मॉर्गन का 272 दिन का रिकॉर्ड तोड़ दिया।