सुनीता विलियम्स की वापसी के लिए गुजरात स्थित उनके पैतृक गांव में यज्ञ किया गया।
- फोटो : Facebook/SunitaWilliams/PTI
भारतीय मूल की सुनीता विलियम्स बुधवार को जब पृथ्वी पर लौटीं तो सबसे पहले उन्हें स्ट्रेचर से नासा के फ्लोरिडा स्टेशन के करीब स्थित लैब में ले जाया गया, जहां उनकी और अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन से लौटे अंतरिक्ष यात्रियों की जांच चल रही है। इसके बाद सुनीता कुछ समय पुनर्वास केंद्र में बिताएंगी और वैज्ञानिकों से क्लियरेंस मिलने के बाद उनका परिवारवालों से मिलना सुनिश्चित हो जाएगा। खुद सुनीता नौ महीने के लंबे अंतराल के बाद अपने परिवार, खासकर अपने पति और अपने पालतू से मिलने के लिए बेताब होंगी।
ऐसे में यह जानना अहम है कि आखिर सुनीता विलियम्स के परिवार में कौन-कौन है? अंतरिक्ष में रहने के दौरान सुनीता ने अपने परिवार में किस-किसका जिक्र किया? इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन में उनके सुनीता के फंसने पर उनके परिवारवालों की क्या प्रतिक्रिया थी? आइये जानते हैं...
पहले जानें- सुनीता विलियम्स का भारत से कनेक्शन?
सुनीता विलियम्स का जन्म 19 सितंबर 1965 को अमेरिका के ओहायो स्थित यूक्लिड में हुआ था। उनके पिता दीपक पांड्या मूलतः गुजरात के मेहसाणा से हैं। हालांकि, न्यूरोएनाटॉमी के क्षेत्र में काम कर रहे थे। 1957 में वे अमेरिका गए और वहीं बस गए। यहां उन्होंने उर्सलीन बॉनी से शादी की, जो कि मूलतः स्लोवेनिया से थीं। सुनीता का पैतृक घर गुजरात के झूलासन में है, जबकि उनका ननिहाल स्लोवेनिया में है।
सुनीता और माइकल विलियम्स की संतान नहीं है। हालांकि, 2012 में सुनीता ने अहमदाबाद से एक बच्ची को गोद लेने की मंशा जताई थी। सुनीता और माइक ने कई पालतुओं को रखा है। इनमें सुनीता का पसंदीदा जैक रसेल टेरियर प्रजाति का डॉग है, जिसका नाम गोर्बी है। इसके अलावा दोनों ने लैब्राडोर रिट्रीवर- गनर और बेली को भी पाला है। दोनों ने एक और पालतू रोटर को भी पाला है। इन्हें लेकर नवंबर 2010 में नेशनल ज्योग्राफिक चैनल में एक शो भी प्रसारित हुआ था।
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सुनीता के आईएसएस पर फंसने पर परिवारवालों ने क्या कहा था?
बीते साल अगस्त में जब यह तय हो गया था कि सुनीता विलियम्स और बैरी विलमोर का लौटना लंबे समय के लिए टल सकता है, तो उनके पति माइकल विलियम्स ने कहा था कि उन्हें इस बात की कम ही चिंता है कि सुनीता अंतरिक्ष में समय कैसे बिताएंगे। माइकल ने द वॉल स्ट्रीट जर्नल को दिए इंटरव्यू में कहा था, "वह (अंतरिक्ष) सुनीता को खुश करने वाली जगह है।
दूसरी तरफ सुनीता की मां बॉनी पांड्या ने कहा था कि उन्हें इस बात की चिंता नहीं है कि उनकी बेटी का पृथ्वी पर लौटना नियत अवधि से ज्यादा टल गया है। उन्होंने कहा था कि सुनीता और बुच (विलमोर) आईएसएस में कठिन परिश्रम कर रहे हैं। न्यूज नेशन के होस्ट एंड्रयू कुओमो को इंटरव्यू में पांड्या ने अपनी बेटी को अनुभवी अंतरिक्ष यात्री करार दिया था। उन्होंने कहा था, "मैं उसे कोई सलाह नहीं देती। उसे पता है उसे क्या करना है। वह अंतरिक्ष में 400 दिन बिता चुकी है।" बॉनी ने बताया था कि सुनीता ने उनसे साफ कहा है कि उन्हें चिंता करने की जरूरत नहीं है और सब कुछ ठीक हो जाएगा।
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गुजरात में सुनीता के पैतृक गांव में सुरक्षित वापसी के लिए हुआ हवन
सुनीता विलियम्स गुजरात के झुलासन गांव से आती हैं, जहां उनके पिता से लेकर दादा-परदादा तक रहे। इस छोटे से गांव में करीब 7000 लोग रहते हैं। बताया जाता है कि सुनीता विलियम्स तीन बार झूलासन आ चुकी हैं। पहली बार 1972, फिर 2007 और इसके बाद 2013 में। भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री ने अपने सफल मिशन के बाद गांव में एक स्कूल के लिए फंड्स भी दान में दिए थे। बताया जाता है कि इस गांव में सुनीता विलियम्स के पुरखों के नाम पर एक लाइब्रेरी भी है, जिसमें परिवार की तस्वीर है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, सुनीता के सुरक्षित पृथ्वी पर लौटने के लिए गुजरात में रहने वाले उनके रिश्तेदारों ने एक यज्ञ का आयोजन भी किया। न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, सुनीता के चचेरे भाई दिनेश रावल ने उनकी वापसी के लिए प्रार्थना की और सुरक्षित लौटने पर मिठाई बंटवाने की भी बात कही है। रावल ने कहा कि फिलहाल वे बहुत खुश दिख सकते हैं, लेकिन उन्हें सुनीता के स्वास्थ्य को लेकर एक डर भी है।