भारतवंशी ऋषि सुनक आज ब्रिटेन के पीएम का पद संभालने जा रहे हैं। पीएम पद के लिए उनके उदय को ब्रिटेन के हिंदू मंदिर के एक नेता ने 'ओबामा मोमेंट' करार दिया है। उन्होंने कहा कि यह ब्रिटेन के हिंदुओं के लिए वैसा ही अवसर है, जब अमेरिका में ओबामा के राष्ट्रपति बनने पर सामने आया था।
यह बात यूके के उस हिंदू मंदिर के नेता ने कही, जिसे सुनक के दादा ने बनवाया था। 42 साल के सुनक ने सोमवार को ब्रिटिश पीएम पद की रेस जीत ली थी और वे आज ब्रिटेन के पहले भारतवंशी प्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं। 'वैदिक सोसायटी हिंदू मंदिर' लंदन से दक्षिण-पश्चिम में 110 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इसे ऋषि सुनक के दादा रामदास सुनक ने 1971 में बनवाया था। द इंडिपेंडेंट अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, साउथम्पटन में स्थित इस मंदिर के ट्रस्ट में सुनक के पिता यशवीर 1980 के दशक के दौरान ट्रस्टी थे।
मंदिर में अक्सर जाते हैं सुनक
ऋषि सुनक हैंपशायर सिटी में स्थित मंदिर में नियमित रूप से जाते हैं। पिछली बार वे जुलाई में यहां आए थे और श्रद्धालुओं को भोजन कराया था। उनका परिवार हर साल यह भोज रखता है।
इसलिए है बराक ओबामा जैसा क्षण
रिपोर्ट में कहा गया है कि संजय चंद्राना ने सुनक के ब्रिटेन के पहले ब्रिटिश एशियाई प्रधानमंत्री चुने जाने का जश्न मनाया। सुनक देश के पहले हिंदू प्रधानमंत्री है। चंद्राना ने कहा कि यह एक गर्व का क्षण है, मंदिर अभी गुलजार है और बहुत सारे लोग सुनक के साथ अपनी तस्वीरें दिखा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह ब्रिटेन के हिंदुओं के लिए 'बराक ओबामा मोमेंट' है। जब ओबामा अमेरिका के राष्ट्रपति बने थे तो अश्वेतों को जैसी अनुभूति हो रही थी, वह आज हमें हो रही है। ब्रिटेन में भी पहली बार एक अश्वेत पीएम बन रहा है और इससे भी खास बात यह है कि वे एक भारतीय और हिंदू हैं। जब हमें यह पता चला कि वे पीएम बनने जा रहे हैं तो हमने विशेष प्रार्थना रखी।
2009 में राष्ट्रपति चुने गए थे ओबामा
उल्लेखनीय है कि बराक ओबामा पहले अफ्रीकी अमेरिकन राष्ट्रपति थे। वे 2009 में अमेरिका के राष्ट्रपति चुने गए थे। चंद्राना ने कहा कि सुनक की प्रधानमंत्री के रूप में नियुक्ति का मतलब है कि समूचे ब्रिटेन का एकीकरण हो रहा है। वे देश को एकजुट करेंगे, क्योंकि वह धार्मिक रूप से हिंदू धर्म का पालन करते हैं और हमारे प्रमुख मूल्यों में से एक यह है कि पूरी दुनिया हमारा परिवार है। हम एकता में विश्वास करते हैं। सुनक की सबसे बड़ी चुनौती देश की आर्थिक बदहाली और राजनीतिक अनिश्चितता है। उन्हें इनका हल निकालना होगा।
पैसों के लिए काम नहीं कर रहे सुनक : रेस्तरां मालिक
उधर, एक भारतीय रेस्तरां के मालिक, जहां सुनक ने किशोरावस्था में टेबल साफ करने का काम किया था, ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि वह देश को जुनून से चलाएंगे। मेट्रो अखबार ने यह जानकारी दी। रेस्तरां मालिक कुटी मिया सुनक को दो महीने की उम्र से जानते हैं। उन्होंने कहा ''मैं उन्हें शुभकामनाएं देना चाहता हूं, वे एक महान व्यक्ति हैं। उम्मीद है कि वह देश का बेहतर नेतृत्व करेंगे। यह कठिन समय है, उनके हाथ में एक कठिन काम है, लेकिन वे काम को पूरी लगन से करेंगे। वे भावुक व्यक्ति व मानव प्रेमी हैं। वे पैसे के लिए काम नहीं कर रहे हैं, उनके पास पर्याप्त पैसा है।''