पाकिस्तान के अशांत खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में शनिवार को एक पुलिस चौकी को निशाना बनाकर किए गए आत्मघाती हमले में छह कानून प्रवर्तन कर्मियों समेत कम से कम आठ लोग मारे गए और कई अन्य घायल हो गए। सूत्रों के अनुसार, यह विस्फोट अफगानिस्तान की सीमा से लगे उत्तरी वजीरिस्तान कबायली जिले के मीर अली तहसील में असलम चेक पोस्ट पर हुआ।
हताहतों की बढ़ सकती है संख्या
जानकारी के मुताबिक, तीन पहिया वाहनों पर सवार होकर आए हमलावरों ने चेक पोस्ट और सुरक्षा बलों के वाहनों को टक्कर मारी, जिसके बाद हुए विस्फोट में चार पुलिसकर्मियों, दो सैनिकों और दो नागरिकों समेत कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई। इस विस्फोट में कई अन्य लोग भी घायल हुए हैं और उन्हें मीरान शाह अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सूत्रों के अनुसार, हताहतों की संख्या बढ़ सकती है।
2021 से पाकिस्तान में तेज हुई आतंकवादी गतिविधि
2021 में अफगानिस्तान में तालिबान के सत्ता में लौटने के बाद से पाकिस्तान में आतंकवाद में तेजी आई है। अधिकांश आतंकवादी घटनाएं पड़ोसी देश की सीमा से लगे प्रांतों - खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में दर्ज की गई हैं। इस महीने उत्तरी वजीरिस्तान जिले में सुरक्षा बलों की तरफ से आतंकवाद विरोधी अभियानों के दौरान लगभग एक दर्जन आतंकवादियों को मार गिराया गया।
2024 की तीसरी तिमाही में पाकिस्तान में बढ़ी हिंसा
इस महीने की शुरुआत में सेंटर फॉर रिसर्च एंड सिक्योरिटी स्टडीज (CRSS) थिंक टैंक की तरफ से प्रकाशित एक रिपोर्ट में कहा गया है कि 2024 की तीसरी तिमाही में देश में हिंसा में 90 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी के साथ आतंकवादी हिंसा और आतंकवाद विरोधी अभियानों में होने वाली मौतों में तेज बढ़ोत्तरी देखी गई। इस साल की तीन तिमाहियों में कुल मौतें पूरे 2023 में दर्ज की गई कुल मौतों से अधिक हो गईं, जिसमें नागरिकों, सुरक्षा कर्मियों और अपराधियों सहित 722 मौतें हुईं। इनमें से लगभग 97 प्रतिशत मौतें खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में हुईं - जो एक दशक में सबसे अधिक प्रतिशत है।