फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sudan: उत्तरी प्रांत कोरडोफान में अर्धसैनिक बल और सेना के बीच तेज हुआ संघर्ष, आरएसएफ के हमले में 40 की मौत

Wed, 05 Nov 2025 09:50 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काहिरा।

सार

Sudan: सूडान के उत्तर प्रांत कोरडोफान में अर्धसैनिक बल और सेना के बीच संघर्ष तेज हो गया है। आरएसएफ के ताजा हमले में चालीस लोग मारे गए हैं, जबकि दर्जनों लोग घायल हुए हैं। डब्ल्यूएचओ के मुताबिक, संघर्ष शुरू होने के बाद से 1.2 करोड़ लोग विस्थापित हो गए हैं। 
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : एएनआई (फाइल)
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सूडान के अर्धसैनिक बल 'रैपिड सपोर्ट फोर्स' (आरएसएफ) ने उत्तरी कोरडोफान प्रांत की राजधानी एल-ओबेद पर हमला किया, जिसमें चालीस नागरिकों की मौत हो गई। स्थानीय मीडिया के मुताबिक, यह हमला सोमवार को हुआ और इसके बाद क्षेत्र में हिंसा और बढ़ गई है। 
विज्ञापन


कोरडोफान में लगातार बिगड़ रही मानवीय स्थिति
संयुक्त राष्ट्र के मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय (ओसीएचए) ने कहा कि इस हमले में दर्जनों लोग घायल हुए हैं। हालांकि, उसने यह नहीं बताया कि हमला किसने किया। संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी कि कोरडोफान में मानवीय स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। स्थानीय अखबार सूडान ट्रिब्यून के मुताबिक, आरएसएफ ने सोमवार को एक श्रद्धांजलि सभा पर ड्रोन से हमला किया, जिसमें कई लोग मारे गए। 

ये भी पढ़ें: नेपाल के नौ वाम दलों ने किया विलय, आम चुनाव से पहले उठाया बड़ा कदम; नई पार्टी का नाम और झंडा तय
विज्ञापन


अर्धसैनिक बल कोरडोफान में आगे बढ़ रहा
कोरडोफान और उसके पड़ोसी दारफुर क्षेत्र पिछले कुछ महीनों से सूडान के युद्ध का केंद्र बन गए हैं। पिछले हफ्ते आरएसएफ ने दारफुर के अंतिम सेना-नियंत्रित शहर एल-फाशर पर कब्जा कर लिया था और अब वह कोरडोफान में भी आगे बढ़ रही है।

2023 में शुरू हुआ सेना और अर्धसैनिक बल के बीच संघर्ष
सूडान में आरएसएफ और सेना बीच युद्ध 2023 में शुरू हुआ था। दोनों पहले सहयोगी थे और 2019 में तख्तापलट के बाद बनी अंतरिम सरकार (जो देश को लोकतंत्र की ओर ले जाने वाली थी) की देखरेख कर रहे थे। लेकिन बाद में सत्ता और नियंत्रण को लेकर दोनों के बीच मतभेद बढ़ गए और यही टकराव 2023 में एक बड़ी जंग में बदल गया। 

संघर्ष में मारे गए 40 हजार लोग: विश्व स्वास्थ्य संगठन
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के मुताबिक, इस संघर्ष में अब तक चालीस हजार लोग मारे जा चुके हैं। वहीं, 1.2 करोड़ लोग विस्थापित हो गए हैं। विश्व खाद्य कार्यक्रम (डब्ल्यूएफपी) के मुताबिक, 2.4 करोड़ लोग गंभीर खाद्य संकट का सामना कर रहे हैं। हाल ही में आरएसएफ के लड़ाकों ने उत्तरी कोरडोफान के बारा शहर पर भी हमला किया। हमले में 47 लोग मारे गए, जिनमें नौ महिलाएं शामिल थीं।

ये भी पढ़ें: ममदानी की जीत ने फिर जिंदा कर दी वामपंथ बनाम दक्षिणपंथ की बहस; ओबामा बोले- रोशन दिख रहा भविष्य
विज्ञापन


सूडान डॉक्टर्स नेटवर्क ने भी जताई चिंता
'सूडान डॉक्टर्स नेटवर्क' ने इन हमलों को 'खौफनाक अपराध' बताया और कहा कि आरएसएफ की ओर से की जा रही हत्याएं और मानवाधिकार उल्लंघन बेहद डरावने हैं। नेटवर्क के अनुसार, आरएसएफ ने कई परिवारों को अपने मृत परिजनों को दफनाने से रोका और घरों के भीतर लाशों के ढेर लगे मिले हैं। समूह ने यह भी कहा कि बारा में संचार व्यवस्था ठप है और लापता लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

पिछले हफ्ते आरएसएफ ने 18 महीने की घेराबंदी के बाद एल-फाशर पर कब्जा कर लिया। डब्ल्यूएचओ के अनुसार, अर्धसैनिक बलों ने एक अस्पताल में घुसकर 450 से अधिक लोगों की हत्या कीं और घर-घर जाकर नागरिकों पर हमले किए तथा यौन हिंसा की घटनाएं भी कीं।


 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें