अमेरिका के प्रसिद्धि हार्वर्ड विश्वविद्यालय ने कहा है कि विदेशियों के लिए कार्य वीजा को अस्थायी तौर पर निलंबित करने से अध्ययन कार्य भी प्रभावित होगा। इसमें सबसे अधिक मांग वाला एच-1 बी वीजा भी शामिल है। विश्वविद्यालय ने राष्ट्रपति ट्रंप के इस फैसले को उचित निर्णय नहीं बताया।
हार्वर्ड विश्वविद्यालय के प्रवक्ता जोनाथन एल. स्वैन ने कहा कि इस फैसले से हालांकि छात्र वीजा या वैकल्पिक व्यावहारिक प्रशिक्षण (ओपीटी) प्रभावित नहीं होगा, लेकिन यह निराशाजनक है कि एक सरकारी आदेश के जरिये एच-1 बी सहित कुछ गैर-आव्रजक वीजा धारकों के प्रवेश पर रोक लगाई गई है।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को एच-1 बी समेत अन्य प्रकार के विदेशी कार्य वीजा को 2020 के अंत तक स्थगित करने का आदेश जारी किया। ट्रंप ने यह कदम इस महत्वपूर्ण चुनावी वर्ष में अमेरिकियों के रोजगार के संरक्षण के लिए उठाया है। ट्रंप ने कहा कि मौजूदा आर्थिक संकट की वजह से यह कदम उठाना जरूरी था। वहीं हार्वर्ड विश्वविद्यालय के प्रवक्ता ने कहा कि यह उचित नीति नहीं है। बता दें कि इस वीजा का भारतीय आईटी पेशेवर सबसे अधिक लाभ उठाते रहे हैं।