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कब थमेगा संकट: 40 करोड़ बैरल तेल जारी, फिर भी कीमतें क्यों नहीं थमीं? होर्मुज बंदी से बाजार में अस्थिरता

Mon, 16 Mar 2026 04:24 AM IST
Shivam Garg अमर उजाला नेटवर्क, वॉशिंगटन/लंदन।

सार

होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने के कारण कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर के पार पहुंच गईं। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी ने रणनीतिक भंडार से 40 करोड़ बैरल तेल जारी किया, लेकिन बाजार में स्थिरता नहीं आई।
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क्रूड तेल की कीमतों में उछाल - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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ईरान युद्ध के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति में आई अभूतपूर्व बाधा को कम करने के लिए अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आईईए) और उसके सहयोगी देशों ने इतिहास में पहली बार रणनीतिक भंडार से 40 करोड़ बैरल तेल जारी करने का फैसला किया है। इसके बावजूद बाजार में भरोसा नहीं दिख रहा है।

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घोषणा के बाद से ही कच्चे तेल की कीमतें 17 प्रतिशत से अधिक बढ़ चुकी हैं और ब्रेंट क्रूड लगातार दूसरे सत्र में 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बंद हुआ। विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक फारस की खाड़ी का महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य दोबारा नहीं खुलता, तब तक इस तरह के कदम तेल बाजार के संकट को पूरी तरह नहीं सुलझा पाएंगे।

सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी के 50 साल के इतिहास में यह रणनीतिक तेल भंडार की सबसे बड़ी आपातकालीन रिलीज है। यूरोप, उत्तर अमेरिका और उत्तर-पूर्व एशिया के 30 से अधिक देशों ने मिलकर बाजार में 40 करोड़ बैरल तेल तेल जारी करने पर सहमति जताई है। इस पहल में अमेरिका सबसे बड़ी भूमिका निभा रहा है। वह अपने स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व से 17.2 करोड़ बैरल तेल जारी करेगा, जो कुल आईईए रिलीज का लगभग 43 प्रतिशत है। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब ईरान युद्ध के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति पर गंभीर असर पड़ा है। आईईए की घोषणा के बाद भी तेल बाजार में घबराहट कम नहीं हुई। लंदन स्थित तेल ब्रोकर पीवीएम के विश्लेषक टामास वर्गा के अनुसार स्थिति की मूल वजह क्षेत्रीय सुरक्षा संकट है।
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होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने का असर
युद्ध से पहले सऊदी अरब, इराक, कुवैत और संयुक्त अरब अमीरात मिलकर लगभग 14 मिलियन बैरल प्रतिदिन तेल निर्यात करते थे। इनमें से करीब 9 मिलियन बैरल प्रतिदिन, यानी वैश्विक आपूर्ति का लगभग 10 प्रतिशत, ऐसा है जो केवल हॉर्मुज जलडमरूमध्य से होकर ही गुजर सकता है। जब तक यह मार्ग नहीं खुलता, यह तेल क्षेत्र में ही फंसा रहेगा। पहली नजर में 400 मिलियन बैरल का आपातकालीन भंडार इस कमी को लगभग 40 दिनों तक कवर कर सकता है।

बाजार में तुरंत नहीं पहुंचेगा तेल
विश्लेषकों का कहना है कि रणनीतिक भंडार का तेल तुरंत बाजार में नहीं आता। एक तय अवधि में सीमित मात्रा ही जारी की जा सकती है। अमेरिका द्वारा घोषित 172 मिलियन बैरल तेल को 120 दिनों में जारी किया जाएगा। इसका मतलब है कि रोजाना लगभग 1.4 मिलियन बैरल ही बाजार में आएगा, जो होर्मुज के बंद होने से खोई आपूर्ति का सिर्फ 15 प्रतिशत है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अनुमति के बाद इस तेल को बाजार तक पहुंचने में लगभग 13 दिन लगते हैं। आईईए ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि बाकी सदस्य देश कब और कितनी मात्रा में तेल जारी करेंगे।
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