दुनियाभर के शेयर बाजारों में गिरावट ने भले बड़ी-बड़ी कंपनियों की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिए हों, पर 2.7 खरब डॉलर गंवाने वाली एपल, गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और मेटा जैसे टेक दिग्गजों ने मंदी में भी खुद को ताकतवर बनाने का अवसर ढूंढ लिया है।
दिग्गजों के पास 30 अरब डॉलर नकदी
निवेश संस्थान लूप वेंचर की मानें तो मार्च अंत तक फेसबुक, माइक्रोसॉफ्ट, गूगल, एपल और अमेजन के पास कुल तीस अरब डॉलर नकदी थी। इससे ये कंपनियां भविष्य के निवेश के साथ-साथ अपने गिरते शेयरों की पुनर्खरीद भी कर सकती हैं।
2008 की मंदी में खरीदी थीं 100 कंपनियां
वित्तीय डाटा कंपनी रेफिनिटिव के मुताबिक, वर्ष 2008 से 2010 के दौरान बड़ी मंदी में टेक दिग्गजों ने 100 से ज्यादा कंपनियां खरीद डाली थीं। इनमें से कई तो इनके बुनियादी कारोबार का आधार बन गए। इनमें एपल का चिप कंपनी पीए सेमी और गूगल द्वारा एडमॉब का अधिग्रहण शामिल है।
फेसबुक थोड़ी कमजोर बाकी कूट रहीं मुनाफा
बड़ी टेक कंपनियों में फेसबुक का ही प्रदर्शन थोड़ा खराब रहा है। इसकी वजह टिकटॉक के साथ प्रतिस्पर्धा और एपल की निजता नीति मानी जा रही हैं। अन्य दिग्गजों को देखें तो अमेजन का आकर्षक क्लाउड कारोबार–अमेजन वेब सर्विसेज (एडब्ल्यूएस) जमकर मुनाफा कमा रहा है।