मंत्रालय ने कहा कि राष्ट्रपति विक्रमसिंघे, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर 20-21 जुलाई 2023 को भारत की आधिकारिक यात्रा करेंगे। यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब दोनों देश इस साल राजनयिक संबंधों की स्थापना की 75वीं वर्षगांठ मना रहे हैं।
बयान में कहा गया है कि यात्रा के दौरान विक्रमसिंघ भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भी मुलाकात करेंगे और प्रधानमंत्री मोदी व अन्य भारतीय गणमान्य व्यक्तियों के साथ परस्पर हित के विभिन्न मुद्दों पर द्विपक्षीय चर्चा करेंगे। इसमें कहा गया है, 'यह यात्रा दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे द्विपक्षीय संबंधों को और आगे बढ़ाएगी और मजबूत करेगी।'
नकदी संकट से जूझ रहे श्रीलंका में पिछले साल जुलाई में जन विद्रोह के कारण गोटबाया राजपक्षे को अपदस्थ किया गया था। इसके एक साल बाद विक्रमसिंघे की यह पहली भारत यात्रा होगी।
विक्रमसिंघे ने भारत के साथ अच्छे संबंधों पर जोर दिया है और इसे अपनी विदेश नीति का एक प्रमुख मुद्दा बनाया है। पिछले हफ्ते उन्होंने कहा था कि श्रीलंका भारतीय रुपये को अमेरिकी डॉलर के बराबर उपयोग करते देखना चाहता है। विक्रमसिंघे द्वीप राष्ट्र के वित्त मंत्री भी हैं। यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब श्रीलंका की कमजोर अर्थव्यवस्था में सुधार के संकेत मिल रहे हैं।
विदेशी मुद्रा भंडार की गंभीर कमी के कारण श्रीलंका 2022 में एक अभूतपूर्व वित्तीय संकट से प्रभावित हुआ था, जो 1948 में ब्रिटेन से अपनी आजादी के बाद से सबसे खराब था। भारत ने श्रीलंका को ईंधन और आवश्यक वस्तुओं के लिए समर्पित क्रेडिट लाइनों के साथ एक आर्थिक जीवन रेखा की पेशकश की। पिछले साल अप्रैल के मध्य में पहली बार ऋण चूक की घोषणा करने वाले द्वीपय देश ने इस साल मार्च में आईएमएफ से 2.9 अरब डॉलर का बेलआउट हासिल किया था।