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Andrei Troshev: विद्रोही वैगनर के अगले कमांडर आंद्रेई ट्रोशेव कौन, पुतिन ने प्रिगोझिन का विकल्प क्यों चुना?

Tue, 18 Jul 2023 07:01 AM IST
शिवेंद्र तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Wagner Commander Andrei Troshev: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने वैगनर समूह के प्रमुख के रूप में येवगेनी प्रिगोझिन की जगह लेने के लिए आंद्रेई ट्रोशेव का नाम प्रस्तावित किया है। ट्रोशेव वैगनर सेना के एक सेवानिवृत्त कर्नल हैं। उन्हें वैगनर समूह का संस्थापक सदस्य माना जाता है।
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वैगनर कमांडर आंद्रेई ट्रोशेव - फोटो : AMAR UJALA
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विस्तार
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पिछले दिनों रूस में पुतिन के खिलाफ बड़ी बगावत देखी। ये विद्रोह किसी और ने नहीं, बल्कि यूक्रेन के साथ युद्ध में उनका साथ देने वाली निजी सेना वैगनर के मुखिया येवगेनी प्रिगोझिन ने की। हालांकि, अब रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि रूस ने प्रिगोझिन का विकल्प तलाश लिया है। जानकारी के मुताबिक, आंद्रेई ट्रोशेव वैगनर समूह की कमान संभाल सकते हैं। आइये जानते हैं आखिर कौन हैं आंद्रेई ट्रोशेव...?

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कौन हैं आंद्रेई ट्रोशेव?
आंद्रेई ट्रोशेव वैगनर सेना के एक सेवानिवृत्त कर्नल हैं। उन्हें 'सेदोई' के नाम से भी जाना जाता है जिसका अर्थ है 'भूरा बाल'। उनका जन्म पांच अप्रैल, 1953 को सेंट पीटर्सबर्ग में हुआ था। यूरोपीय संघ के प्रतिबंध दस्तावेज के अनुसार, उन्हें वैगनर समूह का संस्थापक सदस्य माना जाता है।

कई पदों पर रहे हैं ट्रोशेव 
ट्रोशेव के सहयोगियों में से एक दिमित्री उत्किन है, जो जीआरयू सैन्य खुफिया विशेष बल के पूर्व अधिकारी और वैगनर समूह के सह-संस्थापक हैं। ट्रोशेव ने सोवियत संघ के दशक लंबे युद्ध के दौरान अफगानिस्तान में लड़ाई लड़ी। सोवियत संघ के विघटन के बाद, उन्होंने उत्तरी काकेशस में रूसी सेना में सेवा की। बाद में वह रूसी आंतरिक मंत्रालय की त्वरित प्रतिक्रिया विशेष बल इकाई (एसओबीआर) में कमांडर बन गए।

कई पुरस्कारों से नवाजे जा चुके
अफगानिस्तान में उनकी सेवा के लिए उन्हें दो बार 'ऑर्डर ऑफ द रेड स्टार' से सम्मानित किया गया। 2016 में इस्लामिक स्टेट के आतंकवादियों के खिलाफ सीरिया में पलमायरा पर हमले में उनकी भूमिका के लिए उन्हें रूस का सर्वोच्च पदक 'हीरो ऑफ रूस' मिला।

आंद्रेई ट्रोशेव - फोटो : SOCIAL MEDIA
पुतिन ने दिए थे विकल्प के संकेत 
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने वैगनर समूह के प्रमुख के रूप में येवगेनी प्रिगोझिन की जगह लेने के लिए आंद्रेई ट्रोशेव का नाम प्रस्तावित किया है। इससे पहले पुतिन ने 29 जून को यूक्रेन में प्रिगोझिन के प्रयासों के लिए सराहना की और साथ ही साथ विद्रोह में उनकी भागीदारी पर निराशा व्यक्त की। उन्होंने पहले भी इसे 'देशद्रोह के कृत्य' के रूप में व्यक्त किया था। कार्यक्रम में उन्होंने वैगनर कमांडरों को उनकी भविष्य की सेवा के लिए विभिन्न विकल्पों की पेशकश की थी।

इससे पहले पुतिन ने कहा था कि वैगनर सैनिकों को रक्षा मंत्रालय के साथ अनुबंध पर हस्ताक्षर करने, पड़ोसी बेलारूस में स्थानांतरित होने या सेवा से सेवानिवृत्त होने के बीच एक विकल्प चुनना होगा। हालांकि, फिलहाल पुतिन ने कहा कि वह चाहते थे कि वैगनर अपने आंद्रेई ट्रोशेव को कमांडर को बनाए रखें।

पुतिन ने इस बात पर जोर दिया कि यूक्रेन में वैगनर के सामान्य सैनिकों ने सम्मानपूर्वक लड़ाई लड़ी है और यह अफसोस का कारण है कि उन्हें विद्रोह में शामिल किया गया।

वैगनर सेना। - फोटो : Social Media
आखिर क्या हुआ था रूस में?
पिछले महीने की 23 और 24 जून को रूस में विद्रोह हुआ। रूस की निजी सेना वैगनर समूह के मुखिया प्रिगोझिन ने 23 जून की देर रात से अगले दिन तक कई संदेश जारी किए। इसमें प्रिगोझिन ने दावा किया था कि वह और उसके सैनिक दक्षिणी रूसी शहर रोस्तोव में प्रवेश कर गए हैं और सैन्य स्थलों पर नियंत्रण कर लिया है। इसके बाद निजी सेना ने मॉस्को पर मार्च करने की धमकी दी थी, लेकिन महज डेढ़ दिन में ही प्रिगोझिन ने अचानक अपने कदम वापस खींचने का एलान कर दिया।

रूसी भाड़े के समूह वैगनर प्रमुख येवगेनी प्रिगोझिन। - फोटो : सोशल मीडिया
विद्रोह कैसे शुरू हुआ था?
दरअसल, कई महीनों से रूसी सेना के शीर्ष अधिकारियों और प्रिगोझिन के बीच सत्ता संघर्ष चल रहा था। प्रिगोझिन पूर्वी यूक्रेन में अपने सैनिकों की मौत के लिए रूसी सेना को जिम्मेदार ठहरा रहे थे। उसने बार-बार उन पर अपनी निजी सेना को पर्याप्त रूप से सुसज्जित करने में विफल रहने और वैगनर द्वारा जीती गई जीतों को अपनी सफलता का दावा करने का आरोप लगाया।

23 जून को प्रिगोझिन का गुस्सा खुलकर सामने आया, जब उसने मॉस्को के सैन्य नेतृत्व पर वैगनर शिविरों पर हमले का आदेश देने का आरोप लगाया। वैगनर मुखिया ने कहा कि उन्हें रोकना होगा और अंजाम तक पहुंचाने की धमकी दी। बाद में उसने दावा किया कि उनकी सेना ने एक रूसी सैन्य हेलीकॉप्टर को मार गिराया है। 

कुछ घंटों बाद प्रिगोझिन ने कहा कि दक्षिणी रूस के रोस्तोव में उनके सैन्य स्थल कब्जे में हैं। कथित तौर पर निजी सैन्य बल राजधानी मॉस्को से लगभग 420 किलोमीटर दूर लिपेत्स्क क्षेत्र तक आगे आ गए, लेकिन अचानक प्रिगोझिन ने घोषणा की कि रक्तपात से बचने के लिए उसके सैनिक वापस लौट रहे हैं। उसके लड़ाके भी रोस्तोव से हटने लगे।
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व्लादिमीर पुतिन, येवगेनी प्रिगोझिन - फोटो : निर्मलकांत/अमर उजाला
पुतिन ने कैसी प्रतिक्रिया दी?
पुतिन ने वैगनर विद्रोह को रूस के लिए घातक खतरा बताया और देश से एकजुट होने का आग्रह किया। राष्ट्र को दिए एक सम्बोधन में पुतिन ने देशद्रोह की राह पर चलने वालों को दंडित करने की धमकी दी। उन्होंने कहा कि वैगनर का विश्वासघात हमारे देश और हमारे लोगों की पीठ में छुरा घोंपने जैसे था। उन्होंने समूह के कार्यों की तुलना 1917 की रूसी क्रांति से की, जिसने प्रथम विश्व युद्ध के दौरान जार निकोलस द्वितीय को उखाड़ फेंका था। 

इस बीच पुतिन ने अपने सहयोगी, बेलारूस के नेता अलेक्जेंडर लुकाशेंको को फोन किया। लुकाशेंको ने बाद में घोषणा की कि उन्होंने वैगनर सेना के आंदोलन को रोकने और तनाव को कम करने के लिए प्रिगोझिन के साथ एक समझौते पर बातचीत की है।
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