श्रीलंका के राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना (फाइल फोटो)
श्रीलंका के राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना ने देश में सभी समुदायों से एकता बनाए रखने का आह्वान किया। एक समय पर लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम उर्फ लिट्टे के गढ़ में बोल रहे सिरिसेना ने कहा कि आज देश के धर्मिक और राजनीतिक नेता विभाजित हो गए हैं। उन्होंने माना कि देश अब विभाजित हो गया है।
सिरिसेना ने जनता से अनुरोध किया कि मुस्लिम प्रभाकरण के सिर उठाने के लिए कोई भी गुंजाइश न छोड़ें। उन्होंने कहा, 'अगर हम विभाजित हो जाते हैं तो पूरा देश हार जाएगा। एक और युद्ध शुरू हो जाएगा। इस दौरान सिरिसेना ने उन नेताओं पर भी निशाना साधा जो देश से ज्यादा इस साल होने वाले चुनाव पर ध्यान लगा रहे हैं।
बता दें कि ईस्टर के मौके पर श्रीलंका में तीन कैथोलिक गिरजाघरों और तीन लग्जरी होटलों पर एक स्थानीय इस्लामिक समूह द्वारा ईस्टर पर धमाके करने के बाद से मुस्लिम समुदाय पर हमले हो रहे हैं। आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) ने इस हमले की जिम्मेदारी ली थी, लेकिन सरकार ने इसके लिए स्थानीय चरमपंथी समूह नेशनल तौहीद जमात (एनटीजे) को जिम्मेदार ठहराया है।