श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे ने देश के मौजूदा आर्थिक संकट के लिए अपने छोटे भाई वित्त मंत्री बासिल राजपक्षे की खुलेआम आलोचना करने वाले दो मंत्रियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया। दोनों ने बासिल की कार्यशैली पर जमकर आरोप लगाए थे।
विज्ञापन
श्रीलंका में इस समय विदेशी मुद्रा का भारी संकट है। देश का आरक्षित कोष लगातार घटता जा रहा है। सरकार जरूरी आयात का बिल चुकाने में भी असमर्थ है।
राजपक्षे ने संविधान के अनुच्छेद 47 (2) का उपयोग करते हुए ऊर्जा मंत्री उदय गम्मनपिला और उद्योग मंत्री विमल वीरावांसे को पद से हटा दिया। दोनों सत्ताधारी गठबंधन एसएलपीपी के सदस्य हैं।
इन दोनों ने बुधवार को नौ अन्य छोटी पार्टियों के साथ आयोजित एक रैली के दौरान बासिल राजपक्षे को मौजूदा आर्थिक संकट, तेल और बिजली संकट के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए जमकर आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा था कि बासिल की कार्यशैली का आलम यह है कि देश के केंद्रीय बैंक के गवर्नर अजिथ कबराल उनसे मिल तक नहीं पा रहे हैं।
विज्ञापन
गम्मनपिला के स्थान पर ऊर्जा मंत्री पद संभालने वाले जेमिनी लोकुगे ने कहा कि कैबिनेट का सदस्य होने के नाते दोनों का बासिल की आलोचना करना अनुचित था। वीरावांसे के स्थान पर उद्योग एसबी दिस्सानायके को उद्योग मंत्री नियुक्त किया गया है। श्रीलंका में इस समय जरूरी चीजों की जबरदस्त कमी है। यहां पेट्रोल पंपों पर मीलों लंबी कतारें लग रही हैं। सात घंटे तक बिजली की कटौती की जा रही है।