श्रीलंका के हंबनटोटा बंदरगाह पर चीन के विशाल पोत के आने की सूचना को लेकर हाल ही में भारत ने अपनी कड़ी आपत्ति जताई थी। इसके बाद आर्थिक संकट से जूझ रहा श्रीलंका दोनों देशों के बीच में फंस गया है। इस बीच मंगलवार को श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने ने कहा कि उनका देश सामिरक तौर पर अहम बंदरगाह पर चीन के अनुसंधान पोत आने के मुद्दे का समाधान 'मित्रता के दृष्टिकोण' से करने की कोशिश करेगा।
बता दें कि भारत के विदेश मंत्रालय ने इसको लेकर साफ शब्दों में कहा था कि वह उसकी सुरक्षा और आर्थिक हितों पर असर डालने वाले किसी भी घटनाक्रम पर करीब से निगाह रखता है।
चीनी पोत ‘युआन वांग 5’ ईंधन ‘भरवाने’ के लिए 11-17 अगस्त तक श्रीलंका के हंबनटोटा बंदरगाह पर आने की उम्मीद है और यह अगस्त और सितंबर के दौरान हिंद महासागर के उत्तर पश्चिमी हिस्से में उपग्रह नियंत्रण और अनुसंधान ट्रैकिंग करेगा।
इस बंदरगाह को सामरिक दृष्टि से अहम माना जाता है और यह राजपक्षे परिवार के गृहनगर में स्थित है तथा इसे मुख्यत: चीन के कर्ज़ से विकसित किया गया है। नवनियुक्त प्रधानमंत्री गुणवर्धने ने पत्रकारों से कहा, “ दोनों देश हमारे करीबी मित्र हैं। हम मित्रता के दृष्टिकोण से मुद्दे का समाधान करने की कोशिश करेंगे।”
विदेश मंत्री अली साबरी ने कैबिनेट में कहा कि चीन के पोत ने सिर्फ ईंधन भरने के वास्ते बंदरगाह पर आने के लिए कहा है। भारत ने पोत के देश के बंदरगाह में आने को लेकर अपनी चिंताओं से श्रीलंका की सरकार को आधिकारिक रूप से अवगत कराया है। इसके बाद श्रीलंका की सरकार की यह प्रतिक्रिया आई है।
श्रीलंका : विक्रमसिंघे के निजी आवास में आग लगाने के तीन संदिग्ध गिरफ्तार
इधर, श्रीलंका के आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) ने राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे के निजी आवास में नौ जुलाई को आग लगाने के तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। डेली मिरर की खबर के मुताबिक, पुलिस ने बताया कि 18 से 22 साल के दो संदिग्ध मदापाठा और कोलंबो के रहने वाले हैं। उन्हें कल पकड़ा गया था। तीसरे गिरफ्तार संदिग्ध के बारे में जानकारी नहीं मिल पाई है। इस मामले में चार अन्य संदिग्ध पहले ही हिरासत में हैं।
पुलिस ने कोलंबो फोर्ट मजिस्ट्रेट की अदालत से उन्हें 10 अगस्त तक रिमांड पर ले रखा है। नौ जुलाई को समावेशी सरकार के लिए प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देने के प्रस्ताव के कुछ घंटे बाद ही प्रदर्शनकारियों का एक समूह 73 वर्षीय विक्रमसिंघे के निजी आवास में घुसा और आग लगा दी। प्रदर्शनकारी राष्ट्रपति गोतबाया राजपक्षे सरकार का इस्तीफा मांग रहे थे।