श्रीलंकाई नौसेना ने अपने जलक्षेत्र में अवैध रूप से शिकार करने के आरोप में 10 भारतीय मछुआरों को पकड़ लिया है और उनकी ट्रॉलर जब्त कर ली है।
ऐसा पहली बार जब भारतीय मछुआरों को श्रीलंका नौसेना ने पकड़ा है। यह एक महीने में इस तरह की तीसरी घटना है। श्रीलंका नौसेना ने सोमवार को एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि मछुआरों को 7 अगस्त को मुल्लईतिवु के अलमपिल से पकड़ा गया था। हिरासत में लिए गए मछुआरे तमिलनाडु के हैं।
श्रीलंकाई नौसेना ने सोमवार को कहा कि उसने भारतीय ट्रॉलरों के एक समूह को मुल्लईतिवु में अलमपिल के पास श्रीलंकाई जलक्षेत्र में अवैध रूप से मछली पकड़ने के बाद उन्हें खदेड़ने के लिए एक विशेष अभियान चलाया। इसमें कहा गया है कि ऑपरेशन के कारण एक भारतीय ट्रॉलर को जब्त कर लिया गया जिसमें 10 भारतीय मछुआरे सवार थे।
विज्ञप्ति में कहा गया है कि 10 मछुआरों के साथ शिकार करने वाले ट्रॉलर को त्रिंकोमाली के बंदरगाह पर लाया गया और आगे की कानूनी कार्यवाही के लिए उन्हें श्रीलंका तट रक्षक के माध्यम से सहायक मत्स्य निदेशालय-त्रिंकोमाली को सौंप दिया जाएगा।
श्रीलंकाई नौसेना, जो विदेशी मछली पकड़ने वाले ट्रॉलरों द्वारा मछली पकड़ने की अवैध प्रथाओं को रोकने के लिए द्वीप के जल में नियमित गश्त और अभियान चलाती है, 2023 में अब तक 14 भारतीय शिकार करने वाले ट्रॉलर जब्त किए हैं और 93 भारतीय मछुआरों को पकड़ा है।
इससे पहले 24 जुलाई की रात को, लंकाई नौसेना ने जाफना में डेल्फ्ट द्वीप के पास देश के क्षेत्रीय जल में कथित रूप से अवैध शिकार करने के लिए नौ भारतीय मछुआरों को गिरफ्तार किया था और दो ट्रॉलर जब्त किए थे।
8 जुलाई को इसी तरह की एक घटना में, नौसेना ने उसी क्षेत्र में कथित रूप से अवैध शिकार करने के आरोप में दो ट्रॉलरों पर सवार 15 भारतीय मछुआरों को पकड़ लिया था। बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया और 27 जुलाई को मछुआरे कोलंबो से चेन्नई पहुंचे।
इस बीच, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने सोमवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर से श्रीलंकाई अधिकारियों की हिरासत में मौजूद तमिलनाडु के 19 मछुआरों की तत्काल रिहाई और स्वदेश वापसी सुनिश्चित करने के लिए हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया।