मंगलवार को श्रीलंका के एक वरिष्ठ सांसद ने संसद अध्यक्ष कारू जयसूर्या से कहा है कि मीडिया जिस तरह से नवनियुक्त प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे के शासन को देश की वैध सरकार बता रही है इसे रोका जाना चाहिए। उन्होंने अनुरोध किया कि संसद को इस मामले में मीडिया के लिए दिशा निर्देश जारी किया जाना चाहिए।
बता दें कि पिछले एक महीने से अधिक समय से श्रीलंका राजनीतिक संकट के दौर से गुजर रहा है, जिस तरह से राजपक्षे को प्रधानमंत्री पद पर नियुक्त किया गया है वह वहां विवाद का विषय बना हुआ है।
मुख्य मुस्लिम अल्पसंख्यक पार्टी श्रीलंका मुस्लिम कांग्रेस के नेता राउफ हकीम ने स्पीकर से कहा कि प्रिंट और इलेक्ट्रानिक मीडिया राजपक्षे को लगातार प्रधानमंत्री के रूप में मान्यता दे रही है। इसलिए एक आदेश जारी किया जाए, ताकि मीडिया एक अवैध सरकार को मान्यता नहीं दे। बता दें कि श्रीलंका में पिछले एक महीने से चल रहे राजनीतिक संकट पर मीडिया काफी मुखर हुई है।
वहीं, जयसूर्या ने आधिकारिक रूप से यह कहा है कि सदन राजपक्षे को प्रधानमंत्री के तौर पर तब तक विधिक मान्यता नहीं देगा, जब तक कि वह सदन में अपना बहुमत नहीं साबित कर देते हैं।
गौरतलब है कि राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना ने पिछले महीने एक विवादास्पद कदम उठाते हुए रानिल विक्रमसिंघे को प्रधानमंत्री पद से बर्खास्त कर दिया और उनकी जगह राजपक्षे को इस पद पर नियुक्त कर दिया था।