एक शीर्ष श्रीलंकाई जांचकर्ता ने बृहस्पतिवार को ईस्टर संडे हमले की जांच कर रही एक संसदीय समिति को बताया कि सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय के साथ इस आतंकी हमले को टाला जा सकता था। 21 अप्रैल को तीन चर्च और लक्जरी होटलों में हुए हमले में 258 लोग मारे गए थे।
रविवार को ईस्टर के दिन इस हमले को 9 आत्मघाती हमलावरों ने अंजाम दिया था। इस हमले की जिम्मेदारी आईएसआईएस आतंकी समूह ने ली थी। लेकिन सरकार ने बम विस्फोटों के लिए स्थानीय इस्लामी चरमपंथी समूह नेशनल थाहिद जमशेद (एनटीजे) को दोषी ठहराया।
पुलिस विशेष टास्ट फोर्स (एसटीएफ) के प्रभारी वरिष्ठ उप महानिरीक्षक एमआर लतीफ ने कहा कि सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय के साथ आत्मघाती हमलों को रोका जा सकता था। लतीफ ने पैनल को बताया, ‘हम कुछ लोगों को चर्चों और होटल में तैनात कर सकते थे। सिर्फ हमारी मौजूदगी से हमलावरों की सुनियोजित साजिश को टाला जा सकता था।’
श्रीलंका की एक संसदीय पैनल हमलों पर प्राप्त पूर्व खुफिया सूचनाओं पर सुरक्षा एजेंसियों द्वारा कथित लापरवाही की जांच कर रहा है। इसी पैनल द्वारा बुधवार को दिए बयान में कहा गया था कि आत्मघाती हमले में आईएसआईएस का कोई प्रत्यक्ष हाथ नहीं था। अपराध जांच विभाग के प्रमुख वरिष्ठ पुलिस अधिकारी रवि सेनेविरत्ने बुधवार को पैनल के समक्ष पेश हुए और अपना पक्ष रखा।