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Sri Lanka Update: मानवाधिकार आयोग का फैसला, प्रदर्शनकारियों पर हुए घातक हमले के मामले में महिंदा राजपक्षे होंगे तलब 

Wed, 01 Jun 2022 10:45 PM IST
Amit Mandal वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन

सार

एचआरसीएसएल ने कहा कि पीड़ितों के और बयान दर्ज किए जाएंगे। इसके बाद घटना के संबंध में महिंदा राजपक्षे और अन्य नेताओं के बयान लिए जाएंगे। 
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Mahinda Rajpaksa - फोटो : PTI
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विस्तार
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पिछले महीने शांतिपूर्ण सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों पर हुए घातक हमले के संबंध में पुलिस और जेलकर्मियों का बयान लेने के बाद श्रीलंका के शीर्ष मानवाधिकार निकाय ने पूर्व प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे को तलब करने में देरी करने और उन्हें पेश होने के लिए कहने का फैसला किया है। बुधवार को एक मीडिया रिपोर्ट के हवाले से यह जानकारी सामने आई। 9 मई को श्रीलंका में 76 वर्षीय पूर्व प्रधानमंत्री महिंदा के समर्थकों द्वारा देश के सबसे खराब आर्थिक संकट को लेकर उन्हें हटाने की मांग करने वाले शांतिपूर्ण सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों पर हमला करने के बाद हिंसा भड़क उठी थी। कोलंबो और अन्य शहरों में हुई हिंसा में नौ लोगों की मौत हो गई और 200 से अधिक लोग घायल हो गए थे।

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राजपक्षे को तलब करने का फैसला
एक ऑनलाइन समाचार पोर्टल न्यूज फर्स्ट ने कहा कि श्रीलंका के मानवाधिकार आयोग (एचआरसीएसएल) ने पहले बुधवार को राजपक्षे को तलब करने का फैसला किया था। हालांकि, राजपक्षे को तलब नहीं किया जा सका क्योंकि घटना पर सभी पुलिस अधिकारियों और जेल विभाग के अधिकारियों से बयान नहीं मिल सके थे। अब 9 मई को प्रदर्शनकारियों पर हमले को लेकर इन अधिकारियों से बयान प्राप्त करने के बाद राजपक्षे को तलब करने का फैसला किया गया है। इसके अलावा एचआरसीएसएल ने कहा कि पीड़ितों के और बयान दर्ज किए जाएंगे। इसके बाद घटना के संबंध में महिंदा राजपक्षे और अन्य नेताओं के बयान लिए जाएंगे। 

देश के इतिहास में श्रीलंका अब तक के सबसे खराब आर्थिक संकट से जूझ रहा है। श्रीलंका में कर्ज में डूबी अर्थव्यवस्था को संभालने के सरकार के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। 1948 में ब्रिटेन से आजादी के बाद से 2.2 करोड़ लोगों का देश अभूतपूर्व आर्थिक उथल-पुथल से जूझ रहा है। देश में विदेशी मुद्रा की भारी कमी हो गई है, जिसका अर्थ है कि देश मुख्य खाद्य पदार्थों और ईंधन के आयात के लिए भुगतान नहीं कर पा रहा है और रोजमर्रा की चीजों के दाम आसमान पर पहुंच गए हैं। 
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मुस्लिमों का इस वर्ष हज यात्रा पर नहीं जाने का निर्णय
श्रीलंका के मुसलमानों ने देश में आर्थिक संकट के चलते इस साल हज यात्रा नहीं करने का फैसला किया है। अरब न्यूज के अनुसार सऊदी अरब ने वर्ष 2022 के लिए श्रीलंका से 1,585 हज तीर्थयात्रियों के कोटा को मंजूरी दी थी। हालांकि, राष्ट्रीय हज समिति, श्रीलंका हज टूर ऑपरेटर्स एसोसिएशन और मुस्लिम धार्मिक एवं सांस्कृतिक मामलों के विभाग सहित कई पक्षों द्वारा की गई चर्चा के बाद यह निर्णय लिया गया कि श्रीलंका से कोई भी मुस्लिम इस बार हज यात्रा नहीं करेगा।

श्रीलंका के कृषि मंत्री ने खाद्य सुरक्षा के लिए भारत से मांगी मदद
श्रीलंका के कृषि मंत्री महिंदा अमरवीरा ने बुधवार को भारतीय उच्चायुक्त गोपाल बागले से मुलाकात की और खाद्य सुरक्षा तथा पर्यावरण संरक्षण के लिये भारत से मदद मांगी। श्रीलंका इस समय गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहा है। पिछले महीने भारत ने श्रीलंका को धान की खेती में किसी प्रकार की समस्या से बचने के लिये तत्काल 65,000 टन यूरिया की आपूर्ति का आश्वासन दिया था।

श्रीलंका हिंसा: संदिग्ध के तौर पर महिंदा के करीबी सहयोगी का नाम
श्रीलंका के पूर्व प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे के एक करीबी सहयोगी का नाम इस महीने सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों पर हुए हमले में संदिग्ध के तौर पर आया है। वहीं, राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे ने देश में हालिया हिंसा की जांच के लिए एक आयोग का गठन किया है। सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों पर सरकार समर्थक समूह द्वारा नौ मई को हमले के बाद झड़पों में सत्तारूढ़ पार्टी के एक सांसद सहित कम से कम 10 लोग मारे गए थे। सरकार विरोधी प्रदर्शनकारी देश में गंभीर आर्थिक संकट के मद्देनजर राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे के इस्तीफे की मांग कर रहे थे।

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