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श्रीलंका में 42 साल बाद फिर शुरू होगी मौत की सजा, ड्रग्स तस्कर को दी जाएगी पहली फांसी

Thu, 07 Feb 2019 06:03 AM IST
Gaurav Pandey वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
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मैत्रिपाला सिरिसेना (फाइल फोटो)
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श्रीलंका में 42 साल की रोक के बाद मौत की सजा फिर से शुरू की जा रही है। राष्ट्रपति मैत्रीपाल सिरिसेना ने बुधवार को इस बात का ऐलान करते हुए कहा कि मौत की सजा पर रोक का खात्मा अगले दो महीने में ड्रग्स (नशीले पदार्थ) तस्करी के दोषी को फांसी देकर किया जाएगा। सिरिसेना ने संसद से कहा कि वह ड्रग्स अपराधियों के लिए मौत की सजा को वापस लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। 

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सिरिसेना ने यह बात फिलीपिंस में नारकोटिक्स से जुड़े अपराधों पर की गई कड़ी कार्रवाई से प्रेरणा लेकर ऐसी ही कड़ी कार्रवाई अपने यहां करने का संकल्प लेने के महीने भर बाद कही है। उन्होंने कहा, मैं आशा करता हूं कि पहली फांसी की सजा एक या दो महीने में दी जाएगी। उन्होंने मानवाधिकार संगठनों से भी इस निर्णय को लेकर अपनी सरकार के ऊपर दबाव नहीं बनाए जाने की अपील की। 

बता दें कि श्रीलंका में हत्या, दुष्कर्म और ड्रग्स से जुड़े अपराधों में मौत की सजा दी जाती रही है, लेकिन अभी तक इसे आजीवन कारावास की सजा में बदल दिया जाता था। मंगलवार को न्याय मंत्री टी. अथुकोराले ने कहा था कि पांच ड्रग्स तस्करों को फांसी देने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और अब सिरिसेना को महज उनके डेथ वारंट पर हस्ताक्षर करने हैं। 

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फांसी देने वाले की है कमी

श्रीलंका में फांसी देने वाला आखिरी जल्लाद 2014 में सेवानिवृत्त हो चुका है और इसके बाद से यह पद भरा नहीं जा सका है। इस जल्लाद की जगह आए तीन लोग इस बिना काम वाली नौकरी को छोटे-छोटे कार्यकाल के बाद ही छोड़कर चले गए थे। श्रीलंका के जेल अधिकारियों के मुताबिक, पिछले साल 35 हजार रुपये महीना के वेतन के ऑफर वाला विज्ञापन निकालने के बावजूद यह पद अभी तक नहीं भरा जा सका है।
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