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Sri Lanka: श्रीलंका में राष्ट्रपति चुनाव की तारीखों का एलान, 15 अगस्त को स्वीकार किए जाएंगे नामांकन; जानें

Fri, 26 Jul 2024 09:24 AM IST
श्वेता महतो न्यूज जेस्क, अमर उजाला, कोलंबो

सार

नौ जुलाई 2022 में राजपक्षे को देश छोड़कर भागना पड़ा, जिसके बाद रानिल विक्रमसिंघे को राजपक्षे के उत्तराधिकारी के तौर पर संसद के माध्यम से चुना गया। विक्रमसिंघे ने आईएमएफ से बेल आउट की सुविधा का लाभ उठाकर देश को आर्थिक तंगी से बाहर निकालने की कोशिश की।
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रानिल विक्रमसिंघे - फोटो : ANI
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विस्तार
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श्रीलंका में इस साल 21 सितंबर को राष्ट्रपति चुनाव होने वाला है। स्वतंत्र चुनाव आयोग ने इसकी घोषणा की। इस घोषणा के साथ महीनों से चली आ रही अटकलें खत्म हो गईं कि राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे के कार्यकाल को बढ़ाने के लिए चुनाव स्थगित कर दिया जाएगा। आज सरकारी गैजेट संख्या 2394/51 जारी किया गया। इसमें बताया गया कि संविधान के अनुच्छेद 31(3)  के अनुसार, 21 सितंबर को राष्ट्रपति चुनाव होने वाला है और नामांकन 15 अगस्त को स्वीकार किए जाएंगे। 
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चुनाव की इस घोषणा के साथ ही राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे का शेष कार्यकाल समाप्त होने वाला है। बता दें कि उन्होंने 2022 में अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। 2019 में जब राष्ट्रपति चुनाव हुआ था, तब राजपक्षे 70 लाख वोटों के रिकॉर्ड के साथ राष्ट्रपति बने थे। 2022 की शुरुआत में हजारों की संख्या में लोगों ने आर्थिक तंगी से निपटने में राजपक्षे की असफलता के लिए पद छोड़ने की मांग की थी।

देश छोड़कर भाग गए थे राजपक्षे
नौ जुलाई 2022 में राजपक्षे को देश छोड़कर भागना पड़ा, जिसके बाद निवर्तमान रानिल विक्रमसिंघे को राजपक्षे के उत्तराधिकारी के तौर पर संसद के माध्यम से चुना गया। विक्रमसिंघे ने आईएमएफ से बेल आउट की सुविधा का लाभ उठाकर देश को आर्थिक तंगी से बाहर निकालने की कोशिश की। इस दौरान भारत ने भी श्रीलंका को आर्थिक तंगी से बाहर निकलने में मदद की। भारत ने 2022 की पहली तिमाही में श्रीलंका को 4 बिलियन डॉलर की जीवन रेखा प्रदान की, जिसका इस्तेमाल भोजन और आवश्यक वस्तुओं के आयात के  भुगतान में किया गया। 
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अप्रैल के मध्य तक श्रीलंका ने कर्ज चुकाने से मना कर दिया था। एक साल बाद आईएमएफ के पास करीब तीन अरब डॉलर की पहली किस्त आई, जिसे चार वर्षों के लिए बढ़ाया जाना था। हालांकि, निवर्तमान राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे ने श्रीलंका को आर्थिक तंगी से बाहर निकालने के लिए देश में सुधारों को लागू करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता पर कायम है। वह एक बार फिर राष्ट्रपति के तौर पर सत्ता में वापस आने की उम्मीद कर रहे हैं। 
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