फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sri Lanka: सरकार की ऋण पुनर्गठन योजना का विरोध करेगी विपक्षी SJB, कहा- DDR को लेकर नहीं है कोई स्पष्टता

Fri, 30 Jun 2023 03:11 PM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलंबो

सार

सरकार ने 42 अरब डॉलर के स्थानीय ऋण का पुनर्गठन किया है, जो इसके बाहरी ऋण घटक से अधिक है। इसी सब को देखते हुए श्रीलंका के बैंकिंग और वित्त क्षेत्र ने हालात और बदतर होने की आशंका जताई है।
विज्ञापन
सरकार की ऋण पुनर्गठन योजना का विरोध करेगी विपक्षी - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

श्रीलंका की मुख्य विपक्षी पार्टी ने शुक्रवार को नकदी संकट से जूझ रहे देश के बैंकिंग और वित्त क्षेत्र पर इसके प्रभाव को लेकर चिंता जताई। उसने कहा कि वह सरकार की घरेलू ऋण पुनर्गठन (डीडीआर) योजना के खिलाफ मतदान करेगी। बता दें, कैबिनेट ने बुधवार को ऋण पुनर्गठन योजना को मंजूरी दे दी है, जिसे संसद में सार्वजनिक वित्त समिति के पास, फिर अंत में शनिवार को संसद की मंजूरी के लिए भेजा जाना है।

सरकार ने 42 अरब डॉलर के स्थानीय ऋण का पुनर्गठन किया है, जो इसके बाहरी ऋण घटक से अधिक है। इसी सब को देखते हुए श्रीलंका के बैंकिंग और वित्त क्षेत्र ने हालात और बदतर होने की आशंका जताई है। समागी जन बालवेगया (एसजेबी) पार्टी के महासचिव रंजीत मद्दुमा बंडारा ने कहा कि हम घरेलू ऋण पुनर्गठन के खिलाफ मतदान करेंगे क्योंकि इस लेकर कोई स्पष्टता नहीं है।

एसजेबी के विधायक और सार्वजनिक वित्त समिति के प्रमुख हर्षा डी सिल्वा ने कहा कि गवर्नर के स्पष्टीकरण के आधार पर बैंकिंग और बीमा क्षेत्र समग्र रूप से प्रभावित नहीं होंगे, लेकिन अंतरराष्ट्रीय संप्रभु बांड और श्रीलंका विकास बांड के माध्यम से बैंक प्रभावित हो सकते हैं। विपक्ष ने कहा कि वे विशेष सत्र में संसद में पेश किए जाने वाले अंतिम प्रस्ताव को देखने के लिए उत्सुक हैं।

श्रीलंका वर्तमान में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की राहत शर्तों के अनुसार ऋण पुनर्गठन पर अपने बाहरी कर्जदाताओं के साथ बातचीत कर रहा है। मार्च में, आईएमएफ ने कर्ज में डूबे श्रीलंका को पिछले साल विनाशकारी आर्थिक संकट से जूझने के बाद उसकी अर्थव्यवस्था को स्थिर करने में मदद के वास्ते चार साल की अवधि के लिए लगभग तीन अरब डॉलर की राहत सुविधा प्रदान की थी।

राष्ट्रपति व वित्त मंत्री राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे को उम्मीद है कि वह अपने 41 अरब डॉलर कुल विदेशी ऋण में से 17 अरब डॉलर कम कर पाएंगे। वहीं, स्थानीय बैंकों पर घरेलू ऋण पुनर्गठन के निहितार्थों को समझाते हुए केंद्रीय बैंक के गवर्नर नंदलाल वीरसिंघे ने गुरुवार को कहा कि बैंकिंग क्षेत्र डीडीआर के किसी भी तरह के प्रभाव से पूरी तरह सुरक्षित रहेगा।

संसद की सार्वजनिक वित्त समिति द्वारा आज परामर्श किया जा सकता है। इसके बाद ही संसदीय प्रस्ताव का अंतिम रूप पता चलेगा।

 

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें