एससीओ की स्थापना 2001 में शंघाई में एक शिखर सम्मेलन में रूस, चीन, किर्गिज गणराज्य, कजाकिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपतियों ने की थी। भारत और पाकिस्तान 2017 में इसके स्थायी सदस्य बने।
शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के काउंसिल ऑफ हेड्स ऑफ स्टेट्स (CHS) की 23वीं बैठक चार जुलाई 2023 को होगी। वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए होने वाली इस बैठक में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ शामिल होंगे। पाकिस्तान विदेश मंत्रालय ने यह जानकारी दी है।
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भारत इस साल एससीओ की अध्यक्षता कर रहा
दरअसल, भारत इस साल एससीओ की अध्यक्षता कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले साल सितंबर में समरकंद शिखर सम्मेलन में शंघाई सहयोग संगठन की अध्यक्षता ग्रहण की थी। तब भी बताया गया था कि एससीओ परिषद के राष्ट्राध्यक्षों का शिखर सम्मेलन चार जुलाई 2023 को वर्चुअल रूप से आयोजित किया जाएगा। इसकी अध्यक्षता पीएम मोदी करेंगे।
नए सदस्य के तौर पर ईरान का स्वागत होगा
जानकारी के मुताबिक, बैठक में महत्वपूर्ण वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर और एससीओ के सदस्य देशों के बीच सहयोग की भावी दिशा तय करने पर चर्चा की जाएगी। साथ ही इस साल एससीओ के सदस्य देशों के राष्ट्र प्रमुख संगठन के नए सदस्य के तौर पर ईरान का स्वागत भी करेंगे।
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शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे शी चिनफिंग
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग अगले सप्ताह भारत की मेजबानी में होने वाले शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के ऑनलाइन शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। भारत की मेजबानी में होने वाले एससीओ शिखर सम्मेलन में शी के हिस्सा लेने के बारे में यह पहली आधिकारिक घोषणा है।चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने इसकी जानकारी दी।
भारत सितंबर में जी-20 शिखर सम्मेलन की भी मेजबानी करेगा
एससीओ की स्थापना 2001 में शंघाई में एक शिखर सम्मेलन में रूस, चीन, किर्गिज गणराज्य, कजाकिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपतियों ने की थी। भारत और पाकिस्तान 2017 में इसके स्थायी सदस्य बने। भारत सितंबर में जी-20 शिखर सम्मेलन की भी मेजबानी करेगा, जिसके लिए वह शी और पुतिन के अलावा समूह के अन्य नेताओं को आमंत्रित करने जा रहा है।
‘नई दिल्ली भवन’ का उद्घाटन किया था
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बीते मंगलवार को एससीओ सचिवालय में ‘नई दिल्ली भवन’ का उद्घाटन किया था। उन्होंने इसे मिनी इंडिया बताते हुए कहा था कि इससे देश की संस्कृति की बेहतर समझ विकसित होगी।