श्रीलंका के मंत्रियों ने भारत सरकार और तमिलनाडु की मुख्यमंत्री स्टालिन को इस मदद के लिए आभार जताया। स्टालिन ने श्रीलंका को आर्थिक मंदी के उबारने के लिए 123 करोड़ रुपये की मानवीय मदद की घोषणा की।
भारत ने मंगलवार को संकटग्रस्त श्रीलंका को चावल और तमिलनाडु सरकार द्वारा दान में दी गई दवाओं के साथ मानवीय आपूर्ति की तीसरी खेप सौंपी। भारतीय उच्चायुक्त गोपाल बागले ने श्रीलंकाई विदेश मंत्री अली साबरी और स्वास्थ्य व जल आपूर्ति मंत्री केहेलिया रामकुक्वेला की मौजूदगी में देश के लोगों के लिए मानवीय आपूर्ति सौंपी।
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भारतीय उच्चायुक्त ने यहां तमिलनाडु सरकार द्वारा दान किए गए 3.4 अरब रुपये से अधिक मूल्य की मानवीय आपूर्ति सौंपी है। श्रीलंका को 40,000 मीट्रिक टन चावल, 500 मीट्रिक टन दूध पाउडर, 100 मीट्रिक टन दवाएं प्राप्त हुईं।
श्रीलंका के मंत्रियों ने भारत सरकार और तमिलनाडु की मुख्यमंत्री स्टालिन को इस मदद के लिए आभार जताया। बता दें, स्टालिन ने श्रीलंका को आर्थिक मंदी के उबारने के लिए 123 करोड़ रुपये की मानवीय मदद की घोषणा की थी।
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सिंगापुर से लौटेंगे पूर्व राष्ट्रपति राजपक्षे : गुणवर्धने
श्रीलंका में कैबिनेट प्रवक्ता बंडुला गुणवर्धने ने मंगलवार को कहा कि देश के पूर्व राष्ट्रपति गोतबाया राजपक्षे छिपे नहीं हैं बल्कि उनके सिंगापुर से वतन लौटने की उम्मीद है। साप्ताहिक कैबिनेट मीडिया ब्रीफिंग में राजपक्षे के बारे में पूछे जाने पर गुणवर्धने ने बताया कि उन्हें भरोसा नहीं है कि पूर्व राष्ट्रपति देश छोड़कर भाग गए हैं और कहीं छिपे हुए हैं। हालांकि, उन्होंने राजपक्षे की संभावित वापसी के बारे में कोई अन्य विवरण नहीं दिया।