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श्रीलंका: सियासी उठापटक के बीच राष्ट्रपति ने वापस लिया संसद निलंबन का फैसला

Thu, 01 Nov 2018 12:04 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलंबो
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मैत्रीपाल सिरीसेना
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श्रीलंका में सियासी उठापटक का दौर थमते हुए नजर नहीं आ रहा है। पड़ोसी देश पर राजनीतिक संकट को खत्म करने के लिए अंतरराष्ट्रीय दबाव बन रहा है। इसी बीच राष्ट्रपति मैत्रीपाल सिरीसेना ने संसद निलंबित करने के अपने पूर्व के आदेश को वापस ले लिया है और सोमवार को विधायिका की बैठक बुलाई है। 5 नवंबर से संसद सुचारू रूप से काम करेगी। संसद ने महिंदा राजपक्षे को प्रधानमंत्री के तौर पर मान्यता दे दी है।

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सिरीसेना ने चीन हितैषी महिंदा राजपक्षे को प्रधानमंत्री बनाते हुए रानिल विक्रमसिंघे की सरकार को बर्खास्त कर दिया था। विक्रमसिंघे को भारत का हितैषी माना जाता है। उन्होंने अपने निलंबन को असंवैधानिक बताते हुए मांग की थी कि उन्हें संसद में अपना बहुमत साबित करने का मौका दिया जाए। प्रधानमंत्री कार्यालय में एक बैठक को संबोधित करते हुए राजपक्षे ने कहा, 'राष्ट्रपति ने फैसला लिया है कि 5 नवंबर से संसद काम करेगी।' 

बता दें कि राष्ट्रपति सिरीसेना ने बीते शुक्रवार को नाटकीय घटनाक्रम में विक्रमसिंघे को प्रधानमंत्री पद से हटाकर उनकी जगह पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे को नया प्रधानमंत्री नियुक्त किया था। सिरीसेना ने 16 नवंबर तक संसद को निलंबित कर दिया था। अपने पत्र में उन्होंने कहा था, 'मैंने आपको संविधान के 42 (1) (अनुच्छेद) के तहत प्रधानमंत्री नियुक्त किया था और आपको नियुक्त करने के प्राधिकार से आपको नोटिस देता हूं कि आपको प्रधानमंत्री के पद से मुक्त किया जाता है।'
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संसद निलंबित करने को लेकर विशेषज्ञों का मानना है कि इसका मकसद सांसदों को रानिल विक्रमसिंघे के पाले से राजपक्षे के समर्थन में लाने के लिये समय हासिल करना था, ताकि वह 225 सदस्यीय संसद में बहुमत के लिये 113 का आंकड़ा जुटा सकें। सिरीसेना और संसद के स्पीकर कारू जयसूर्या के बीच बुधवार को इस मुद्दे पर चर्चा हुई। जिसके बाद सिरीसेना ने संकेत दिया था कि वह अगले सप्ताह संसद का सत्र बुला सकते हैं। 
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