श्रीलंका के नए राष्ट्रपति अनुरा कुमार दिसानायके। (फाइल)
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श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमार दिसानायके ने मंगलवार को संसद भंग कर दी। उन्होंने विशेष राजपत्र अधिसूचना पर हस्ताक्षर किए। चुनाव 14 नवंबर को होंगे। पिछली संसद अगस्त 2020 में बुलाई गई थी। संसद का विघटन तय समय से 11 महीने पहले हुआ है। राष्ट्रपति चुनाव के प्रचार के दौरान ही दिसानायके ने साफ कर दिया था कि अगर वह विजयी होते हैं तो तुरंत संसद भंग कर देंगे। शनिवार को चुनाव के नतीजे आए और 56 वर्षीय दिसायनाके ने सोमवार को ही राष्ट्रपति पद की शपथ ली थी।
दिसानायके बोले- लोकतंत्र को बचाने के लिए सर्वश्रेष्ठ प्रयास करूंगा
सोमवार को श्रीलंका के नौंवे राष्ट्रपति के तौर पर शपथ लेने वाले दिसानायके ने अपने संबोधन में कहा, मैं आपको आश्वस्त करता हूं कि मैं लोकतंत्र को बचाने और नेताओं का सम्मान बहाल करने की दिशा में काम करने के लिए सर्वश्रेष्ठ प्रयास करूंगा, क्योंकि लोगों के बीच नेताओं के आचरण को लेकर संदेह है।
मेरा मकसद आर्थिक संकट से देश को बाहर निकालना है
दिसानायके ने कहा कि श्रीलंका अलग-थलग नहीं रह सकता और उसे अंतरराष्ट्रीय सहयोग की जरूरत है। उन्होंने कहा कि वह कोई जादूगर नहीं हैं बल्कि उनका उद्देश्य आर्थिक संकट से जूझ रहे देश को ऊपर उठाने की सामूहिक जिम्मेदारी का हिस्सा बनना है। नवनिर्वाचित राष्ट्रपति ने कहा, मैं कोई जादूगर नहीं हूं। मैं इस देश में जन्मा आम नागरिक हूं। मुझमें क्षमताएं और अक्षमताएं हैं। मैं कुछ चीजें जानता हूं और कुछ नहीं जानता। मेरा पहला काम लोगों की प्रतिभाओं का इस्तेमाल करना और इस देश का नेतृत्व करने के लिए बेहतर निर्णय लेना है। उन्होंने कहा, मैं सामूहिक जिम्मेदारी में एक योगदानकर्ता बनना चाहता हूं।