फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स

श्रीलंका : राष्ट्रपति को झटका, संसद में राजपक्षे के खिलाफ हुआ मतदान

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलंबो Updated Wed, 14 Nov 2018 11:12 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
महिंदा राजपक्षे - फोटो : PTI

श्रीलंकाई सुप्रीम कोर्ट के झटके के एक दिन बाद राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरीसेना व उनके नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे को देश की संसद में भी बड़ा झटका लगा है। संसद ने राष्ट्रपति द्वारा पीएम रानिल विक्रमसिंघे को बर्खास्त कर उनके स्थान पर नए पीएम बनाए गए महिंदा राजपक्षे के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित कर दिया। श्रीलंका की संसद ने राजपक्षे सरकार के खिलाफ ऐतिहासिक मतदान किया।



संसद अध्यक्ष कारू जयसूर्या ने मतदान के परिणाम की घोषणा करते हुए बताया कि संसद ने पीएम महिंदा राजपक्षे के खिलाफ ध्वनिमत से अविश्वास प्रस्ताव को पारित कर दिया है। उन्होंने कहा कि अब सरकार के पास बहुमत नहीं है। इससे पहले मंगलवार को श्रीलंकाई सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति सिरीसेना के संसद भंग करने  के फैसले को रद्द् करते हुए मध्यावधि चुनाव रोकने के आदेश दिए थे। बुधवार को संसद में सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान के दौरान राजपक्षे समर्थक बाहर विरोध-प्रदर्शन कर रहे थे।


संसद के इस फैसले के बाद बर्खास्त पीएम रानिल विक्रमसिंघे को संजीवनी मिल सकती है। ऐसा इसलिए क्योंकि संसद में विक्रमसिंघे के समर्थक सांसदों की संख्या बहुमत में है। हालांकि श्रीलंका की शीर्ष अदालत द्वारा राष्ट्रपति सिरीसेना के संसद भंग करने के फैसले को पलटते हुए इस पर सात दिसंबर तक रोक लगाने के आदेश के बाद बुधवार को संसद में राजपक्षे सरकार के खिलाफ पारित अविश्वास प्रस्ताव के बाद सियासी हलकों में जबरदस्त उठापटक देखने को मिली। कोर्ट आदेश के बाद संसद अध्यक्ष ने बुधवार को संसद की बैठक बुलाई। इस दौरान संसद के बाहर विरोध प्रदर्शन जारी रहे। 


दिसंबर में तीन दिन चलेगी मामले की सुनवाई


सुप्रीम कोर्ट ने अंतिम फैसला देने से पूर्व अगले माह राष्ट्रपति के विरुद्ध सभी याचिकाओं पर विचार की बात भी कही है। विपक्षी पार्टियों के नेताओं ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट राष्ट्रपति सिरीसेना के खिलाफ दायर सभी याचिकाओं पर 4, 5 और 6 दिसंबर को सुनवाई करेगा। 26 अक्टूबर को प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे को पद से हटाकर पूर्व राजनीतिक दिग्गज महिंदा राजपक्षे को नियुक्त करने के बाद से श्रीलंका संवैधानिक संकट से घिरा है।

और पढ़ें...
विज्ञापन
विज्ञापन
Next