भारत ने 2022 के शुरू से अब तक श्रीलंका को 2.4 अरब डॉलर की मदद भेजा है। दो दिन पहले तेल खरीदने के लिए फिर से 3800 करोड़ रुपये देने का एलान किया है। यही नहीं, भारत का वित्त मंत्रालय श्रीलंका की सरकार को हर तरह से मदद कर रहा है।
श्रीलंका आर्थिक संकट से जूझ रहा है। विदेशी मुद्रा पूरी तरह से खत्म हो चुकी है। गांव से लेकर शहर तक हाहाकार की स्थिति है। महंगाई ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। पेट्रोल-डीजल जैसे ईंधन खत्म हो चुके हैं। बाहर से खरीदने के लिए सरकार के पास विदेशी मुद्रा नहीं है।
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एलपीजी गैस सिलेंडर 4200 श्रीलंकाई रुपये (967.51 भारतीय रुपये) में मिल रहा। एक किलो चीनी का दाम 240 श्रीलंकाई रुपये पहुंच गई है। चावल 220 तो मिल्क पाउडर 1900 श्रीलंकाई रुपये किलोग्राम बिक रहा है। श्रीलंका की सरकार ने खुद को दिवालिया घोषित कर दिया है। ऐसी स्थिति में एक तरफ जहां, भारत हर तरह से श्रीलंका की मदद कर रहा है, वहीं चीन ने अपने कर्ज को लेकर किसी तरह की रियायत नहीं देने को कहा है।
इस बीच श्रीलंका में अचानक से भारत की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की चर्चा होने लगी है। लोग उन्हें सैल्यूट कर रहे हैं। आइए जानते हैं ऐसा क्या हुआ, जिसने श्रीलंका के लोगों में भारतीय वित्त मंत्री के लिए इतनी खास जगह बना ली...?
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पहले जान लीजिए अब तक भारत ने कैसे-कैसे श्रीलंका की मदद की?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और श्रीलंका के प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे
- फोटो : अमर उजाला
भारत ने 2022 के शुरू से अब तक श्रीलंका को 2.4 अरब डॉलर की मदद भेजा है। दो दिन पहले तेल खरीदने के लिए फिर से 3800 करोड़ रुपये देने का एलान किया है। यही नहीं, भारत का वित्त मंत्रालय श्रीलंका की सरकार को हर तरह से मदद कर रहा है।
आईएमएफ हो या दुनिया के बाकी देशों से मदद लेने में भी भारत श्रीलंका के वित्त विभाग की मदद कर रहा है। पेपर वर्क में भी भारतीय वित्त विभाग के अफसर श्रीलंका के अफसरों की मदद कर रहे हैं।
19 अप्रैल को वॉशिंगटन में भारत की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने श्रीलंका के वित्त मंत्री अली साबरी से मुलाकात की। इस दौरान भी सीतारमण ने श्रीलंका की हर संभव मदद का भरोसा दिया।
अचानक वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण क्यों चर्चा में आ गईं?
श्रीलंका के वित्त मंत्री और अफसरों के साथ बैठक करतीं भारत की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण।
- फोटो : अमर उजाला
19 अप्रैल को वॉशिंगटन में श्रीलंका और भारत के वित्त मंत्रियों के बीच लंबी मुलाकात हुई। दोनों देशों के कई अफसर भी मौजूद रहे। भारत सरकार और श्रीलंका सरकार ने इसकी तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर की। देखते ही देखते ये तस्वीर श्रीलंका में वायरल हो गया। लोग अलग-अलग तरह से रिएक्ट करने लगे।
श्रीलंका के मशहूर डॉक्टर रुबेन थुरैराजी ने निर्मला सीतारमण की एक तस्वीर और श्रीलंका के वित्त विभाग से जारी प्रेस नोट को जारी किया। इस प्रेस नोट में लिखा था कि भारत सरकार और भारतीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने हर संभव मदद का भरोसा दिलाया है। इसके अलावा आईएमएफ से मदद मांगने में भी सहयोग करेंगी। डॉ. रुबेन ने अपनी पोस्ट में लिखा, 'ये हैं श्रीलंका की असली वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण। जो भारत की भी वित्त मंत्री हैं। इनकी टीम राष्ट्रपति गोतबया राजपक्षे की टीम को रैपिड फाइनेंसिंग इंस्ट्रूमेंट (आरएफआई) के लिए पेपर वर्क तक करना सीखा रही है। शुक्रिया निर्मला सीतारमण जी।'
तीसा अबेकसेकरा लिखते हैं, 'एक देवी के रूप में निर्मला सीतारमण श्रीलंका की मदद कर रहीं हैं।' तीसा आगे लिखते हैं, 'मुश्किल समय में एक अच्छे दोस्त की तरह भारत मदद कर रहा है।'
दव्या अलविस ने लिखा, 'ऐसे समय जब बाकियों ने हमें अकेला छोड़ दिया, भारत हमारे पीछे ढाल बनकर खड़ा है। भारत सरकार और भारत के लोगों का शुक्रिया।'
आईएमएफ की मैनेजिंग डायरेक्टर से मुलाकात करतीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण।
- फोटो : अमर उजाला
भारतीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की मैनेजिंग डायरेक्टर से मुलाकात कर श्रीलंका को जल्द से जल्द आईएमएफ की तरफ से मदद देने की मांग की। वित्त मंत्री ने कहा, 'श्रीलंका की स्थिति काफी खराब होते जा रही है। मानवीय आधार पर यह पूरी दुनिया का कर्तव्य बनता है कि वह श्रीलंका की मदद करे।'
वहीं, आईएमएफ ने श्रीलंका की स्थिति सुधारने के लिए भारत की ओर से उठाए जा रहे कदम की सराहना की। आईएमएफ की मैनेजिंग डायरेक्टर क्रिस्टेलिना ने कहा कि जिस तरह से भारत श्रीलंका की मदद कर रहा है, वो काबिले तारीफ है। कोरोना संकट के बाद भारत खुद भी परेशान है, लेकिन इसके बावजूद एक अच्छे पड़ोसी की तरह भारत सरकार श्रीलंका की मदद कर रही है।