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श्रीलंका संकट: विपक्षी दल अड़े, पीएम महिंदा राजपक्षे और मंत्रिमंडल की गैरमौजूदगी में ही बैठक में लेंगे हिस्सा 

Thu, 28 Apr 2022 11:06 PM IST
Amit Mandal वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कोलंबो

सार

बैठक में आमंत्रित लोगों में 40 से अधिक सदस्य हैं जिन्होंने सत्तारूढ़ श्रीलंका पीपुल्स पार्टी (एसएलपीपी) गठबंधन से अलग रहने की घोषणा की थी।
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Mahinda Rajapaksa
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विस्तार
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श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे और उनके सत्तारूढ़ गठबंधन के अलग हुए सदस्यों द्वारा शुक्रवार को बुलाई गई एक महत्वपूर्ण बैठक से पहले दलों ने जोर देकर कहा कि वे केवल तभी भाग लेंगे जब यह प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे और मंत्रिमंडल की उपस्थिति के बिना आयोजित की जाएगी। देश में लंबे समय से चल रहे राजनीतिक गतिरोध को समाप्त करने के लिए एक सर्वदलीय सरकार के संभावित गठन पर चर्चा करने के लिए राष्ट्रपति गोटबाया ने सत्तारूढ़ गठबंधन के 11 राजनीतिक दलों की बैठक बुलाई है।

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आमंत्रित लोगों में 40 से अधिक सदस्य हैं जिन्होंने सत्तारूढ़ श्रीलंका पीपुल्स पार्टी (एसएलपीपी) गठबंधन से अलग रहने की घोषणा की थी। पार्टी के नेताओं में से एक वासुदेव नानायकारा ने बृहस्पतिवार को संवाददाताओं से कहा कि हम बैठक के लिए जा रहे हैं, लेकिन एक शर्त के तहत यह प्रधानमंत्री (महिंदा राजपक्षे) और मंत्रिमंडल की मौजूदगी के बिना होनी चाहिए। 

पूर्व राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना की श्रीलंका फ्रीडम पार्टी (एसएलएफपी) के महिंदा अमरवीरा ने कहा कि उन्होंने बृहस्पतिवार को गोटबाया को दो शर्तों के साथ एक पत्र लिखा था, जिसका उन्होंने खुलासा नहीं किया। गोटबाया ने सत्तारूढ़ गठबंधन में सभी पार्टी नेताओं को लिखे एक पत्र में कहा था कि सरकार सैद्धांतिक रूप से संसद में प्रतिनिधित्व करने वाले दलों से एक सर्वदलीय सरकार बनाने के लिए सहमत थी। उन्होंने शुक्रवार के लिए बैठक तय की। गोटबाया ने पत्र में कहा कि उनके बड़े भाई व प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे के इस्तीफे के बाद सर्वदलीय सरकार बन सकती है।
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प्रदर्शनकारी की मौत में चार पुलिसकर्मी गिरफ्तार 
पिछले हफ्ते दक्षिण-पश्चिमी क्षेत्र रामबुकाना में ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी के खिलाफ सरकार विरोधी प्रदर्शन के दौरान पुलिस की गोलीबारी में मारे गए एक प्रदर्शनकारी की मौत में भूमिका के लिए श्रीलंका के चार पुलिसकर्मियों को गुरुवार को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के एक दिन बाद दक्षिण-पश्चिमी शहर केगले में मजिस्ट्रेट वासना नवरत्ने ने बुधवार को पुलिस आधिकारियों की गिरफ्तारी का आदेश दिया, जिसने 19 अप्रैल को गोलीबारी का आदेश दिया था।

19 अप्रैल को कोलंबो से लगभग 90 किलोमीटर उत्तर पूर्व में रामबुकाना के निवासियों पर पुलिस द्वारा की गई गोलीबारी में दो बच्चों के 41 वर्षीय पिता की मौत हो गई और 13 अन्य घायल हो गए थे। ये सभी ईंधन की कीमतों में वृद्धि का विरोध कर रहे थे। देश के इतिहास में अब तक के सबसे खराब आर्थिक संकट को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शन के दौरान यह पहली मौत थी। इसमें पंद्रह पुलिस कर्मियों को भी चोटें आई थीं। पुलिस ने गुरुवार को कहा कि उसके आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) ने चार पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया है।

राष्ट्रपति पर दबाव बढ़ाने के लिए आम हड़ताल
बढ़ते आर्थिक और राजनीतिक संकट के बीच राष्ट्रपति पर पद छोड़ने का दबाव बढ़ाने के लिए बृहस्पतिवार को आम हड़ताल शुरू हो गई। कारोबार बंद हैं। शिक्षक स्कूलों से अनुपस्थित हैं। सार्वजनिक परिवहन सेवाएं अस्त-व्यस्त हैं। राजधानी कोलंबो में स्कूलों, बैंकों और अन्य संस्थानों के कर्मचारी राष्ट्रपति आवास के सामने हफ्तों से चल रहे प्रदर्शन में शामिल हो गए हैं।

चिकित्सकों और नर्सों ने कहा कि वे अपने भोजनावकाश के दौरान प्रदर्शन में शामिल होंगे। दूसरी ओर, श्रीलंका के पूर्व क्रिकेट कप्तान सनथ जयसूर्या ने भारत से श्रीलंका में आर्थिक संकट के मद्देनजर जरूरी दवाइयों की आपूर्ति की अपील की है। भारतीय उच्चायुक्त से मिलकर जयसूर्या ने भारत की ओर से मिल रही तमाम जरूरी चीजों की मदद के लिए धन्यवाद भी दिया। भारतीय उच्चायोग ने एक ट्वीट में यह जानकारी दी।

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