आर्थिक संकट से उबरने के लिए श्रीलंका की रानिल विक्रमसिंघे सरकार ने सरकारी एयरलाइन बेचने का फैसला किया है। प्रधानमंत्री की तरफ से इसका प्रस्ताव रखा गया है। इसके साथ ही सरकार ने नई करेंसी (मुद्रा) छापने का भी फैसला किया है।
श्रीलंका में प्रधानमंत्री से गत सप्ताह इस्तीफा देने और परिवार के साथ नौसैन्य ठिकाने पर शरण लेने के बाद महिंदा राजपक्षे बुधवार को पहली बार संसद में दिखे। देश के तीन बार प्रधानमंत्री रहे 76 वर्षीय महिंदा राजपक्षे के आवास पर पिछले हफ्ते आग लगा दी गई थी।
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इस पूरे घटनाक्रम के बाद महिंदा राजपक्षे उनके बेटे और पूर्व कैबिनेट मंत्री नमल राजपक्षे ने भी संसद के सत्र में शिरकत की। पिता-पुत्र, दोनों मंगलवार को संसद से गैर हाजिर थे, जबकि राष्ट्रपति गोतबाया राजपक्षे के प्रति नाराजगी जताने वाले प्रस्ताव पर बहस के लिए स्थायी आदेशों को निलंबित करने संबंधी अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान किया गया था। यह प्रस्ताव पर गिर गया था।
आर्थिक संकट के बीच नई मुद्रा छापेगी विक्रमसिंघे सरकार
आर्थिक संकट से उबरने के लिए श्रीलंका की रानिल विक्रमसिंघे सरकार ने सरकारी एयरलाइन बेचने का फैसला किया है। प्रधानमंत्री की तरफ से इसका प्रस्ताव रखा गया है। इसके साथ ही सरकार ने नई करेंसी (मुद्रा) छापने का भी फैसला किया है। फिलहाल, सरकार के पास कर्मचारियों को तनख्वाह देने के लिए पैसा नहीं हैं।
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दो वक्त के खाने के लिए प्रदर्शन कर रहे लोग
श्रीलंका में आर्थिक संकट दिन-ब-दिन बिगड़ता जा रहा है। ऐसे में बेरोजगारों सहित कई लोग दिन के लिए दो समय का भोजन प्राप्त करने के लिए सरकार के विरोध में भाग ले रहे हैं। दिहाड़ी मजदूरों और मौजूदा संकट के कारण अपनी नौकरी गंवाने वालों सहित सैकड़ों लोग कोलंबो स्थित एक ट्रस्ट द्वारा भोजन उपलब्ध कराने के लिए कोलंबो के गाले फेस पर जमा हैं।
सामाजिक कार्यकर्ता अक्षला फर्नांडो ने एएनआई को बताया कि हमने 9 अप्रैल से खाना बांटना शुरू कर दिया था। हम चाहते हैं कि राष्ट्रपति इस्तीफा दें, क्योंकि वह लोगों की देखभाल करने में असमर्थ हैं और देश पर शासन करने में विफल रहे हैं। उन्होंने कहा कि उसके ट्रस्ट को दुनिया भर से पैसा, सामान और भोजन सहित दान मिलता है। अब तक हम एक हजार से अधिक लोगों को भोजन वितरित कर चुके हैं।