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Sri Lanka Crisis: सरकारी कर्मियों के जनवरी-फरवरी के वेतन पर संकट; राष्ट्रपति ने मंत्रालयों को दिए ये निर्देश

Tue, 10 Jan 2023 08:32 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कोलंबो

सार

गुणावर्द्धने ने कहा कि 2023 के पहले कुछ माह में करों के जरिए काफी कमाई की जा सकती थी, लेकिन पिछले साल से जारी आर्थिक संकट की वजह से इसमें भारी कमी आई है। आर्थिक संकट हमारे अनुमान से ज्यादा गंभीर है।
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Sri Lanka Economic Crisis - फोटो : Istock
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विस्तार
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श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे ने सभी मंत्रालयों को एक खास निर्देश दिया है। इसके मुताबिक, इस साल के बजट में उन्हें आवंटित अनुमानित व्यय में पांच फीसदी की कटौती करने का निर्देश दिया गया है। श्रीलंका का वित्तीय संकट काफी गहरा गया है। ऐसा माना जा रहा है कि नकदी संकट से जूझ रहे देश का आर्थिक संकट पूर्व में लगाए गए अनुमान से कहीं अधिक गहरा है।

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इससे पहले विदेशी मुद्रा संकट के कारण श्रीलंका ने पिछले साल अप्रैल में अंतरराष्ट्रीय ऋण में चूक की घोषणा की थी। इस बीच मंत्रिमंडल के प्रवक्ता और परिवहन मंत्री बंडूला गुणावर्द्धने ने बताया कि राष्ट्रपति विक्रमसिंघे ने मंत्रिमंडल को सूचित किया है कि सरकारी खजाने में धन काफी घट चुका है।

गुणावर्द्धने ने कहा कि 2023 के पहले कुछ माह में करों के जरिए काफी कमाई की जा सकती थी, लेकिन पिछले साल से जारी आर्थिक संकट की वजह से इसमें भारी कमी आई है। आर्थिक संकट हमारे अनुमान से ज्यादा गंभीर है। राष्ट्रपति ने सोमवार को मंत्रिमंडल को 2023 के बजट में विभिन्न मंत्रालयों द्वारा सौंपे गए प्रस्तावों में पांच प्रतिशत की कमी करने का निर्देश दिया है। सरकारी कर्मियों के जनवरी और फरवरी के वेतन का संकट पैदा हो गया है।
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राष्ट्रपति की पार्टी स्थानीय चुनाव में राजपक्षे की एसएलपीपी से हाथ मिलाएगी
श्रीलंकाई राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे की युनाइटेड नेशनल पार्टी (यूएनपी) ने आगामी स्थानीय चुनाव में प्रभावशाली राजपक्षे परिवार नीत श्रीलंका पोदुजना पेरामुना (एसएलपीपी) पार्टी से हाथ मिलाने का फैसला किया है। यूएनपी महासचिव पलिथा रांगे बंदारा ने कहा कि दोनों पार्टियों के वरिष्ठ नेताओं की सोमवार को हुई बैठक में यह फैसला लिया गया। उल्लेखनीय है कि श्रीलंका में स्थानीय निकाय चुनाव पिछले साल ही होने थे, लेकिन आर्थिक संकट की वजह से स्थगित कर दिए गए थे।

18 से 21 जनवरी के बीच नामांकन पत्र भरे जाएंगे
बंदारा ने कहा कि हम अपने चुनाव चिह्न हाथी पर लड़ेंगे और वे (एसएलपीपी) कुछ क्षेत्रों में कमल के निशान पर चुनाव लड़ेंगे, जबकि कुछ स्थानों पर साझा चुनाव चिह्न होगा। स्थानीय चुनाव के लिए 18 से 21 जनवरी के बीच नामांकन पत्र भरे जाएंगे और मतदान की तारीख बाद में घोषित की जाएगी। 
 
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10 अरब श्रीलंकाई रुपये की जरूरत
340 सदस्यीय स्थानीय परिषद के सदस्यों के लिए चुनाव की घोषणा कर दी गई थी, लेकिन आर्थिक संकट की वजह से इस चुनाव को स्थगित कर दिया गया था। अधिकारियों के मुताबिक, नकदी संकट से गुजर रहे देश को मतदान कराने के लिए 10 अरब श्रीलंकाई रुपये की जरूरत पड़ेगी।
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