नेपाल में विश्व ध्यान दिवस के मौके पर देशभर में आर्ट ऑफ लिविंग के कार्यक्रम आयोजित हुए। इसी के साथ विशेष कक्षाएं चलाई गई। जहां 50 हजार लोगों ने ध्यान किया।
विश्व ध्यान दिवस के अवसर पर रविवार को नेपाल में विशेष कक्षाएं आयोजित की गईं। आर्ट ऑफ लिविंग की नेपाल इकाई की तरफ से देशभर में कार्यक्रम आयोजित किए गए। विश्व ध्यान दिवस के उपलक्ष्य में एक सप्ताह तक चले कार्यक्रम में 50 हजार से अधिक लोगों ने ध्यान अभ्यास किया। संयुक्त राष्ट्र की तरफ से घोषित विश्व ध्यान दिवस हर वर्ष 21 दिसंबर को विश्वभर में मनाया जाता है।
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ध्यान सत्र आयोजित किए गए
इस बार दूसरा विश्व ध्यान दिवस था। आर्ट ऑफ लिविंग नेपाल के अनुसार, देश के विभिन्न विद्यालयों, कॉलेजों, शैक्षिक संस्थानों, सरकारी व निजी कार्यालयों, पुलिस, नेपाली सेना की इकाइयों तथा सामुदायिक केंद्रों में ध्यान सत्र आयोजित किए गए। इसके अलावा, एक हजार से अधिक प्रतिभागियों ने सात दिवसीय विशेष ध्यान अभ्यास पूरा किया।
ध्यान की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया
आयोजकों के अनुसार, सभी सत्र प्रशिक्षित शिक्षकों व स्वयंसेवकों के सहयोग से संचालित किए गए। मुख्य कार्यक्रम काठमांडो के शंखमूल स्थित आर्ट ऑफ लिविंग केंद्र में आयोजित हुआ। कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. सुधा शर्मा ने बदलती जीवनशैली, तनाव, चिंता व अवसाद के कारण मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं में वृद्धि होने की बात कही। उन्होंने इन समस्याओं की रोकथाम और प्रबंधन में ध्यान की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।