फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

SpaceX Starship: स्पेसएक्स के स्टारशिप रॉकेट में लॉन्चिंग के बाद विस्फोट; चंद मिनटों में ही टुकड़ों में बंटा

Thu, 20 Apr 2023 08:26 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन

सार

दुनिया की दिग्गज अंतरिक्ष अन्वेषण कंपनी स्पेसएक्स का स्टारशिप रॉकेट ने गुरुवार को अपनी पहली परीक्षण उड़ान भरी। हालांकि, लॉन्चिंग के बाद ही इसमें विस्फोट हो गया।
विज्ञापन
Starship - फोटो : Social Media
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

दुनिया की दिग्गज अंतरिक्ष अन्वेषण कंपनी स्पेसएक्स का स्टारशिप रॉकेट ने गुरुवार को अपनी पहली परीक्षण उड़ान भरी। हालांकि, लॉन्चिंग के बाद ही इसमें विस्फोट हो गया। दुनिया के सबसे ताकतवर रॉकेट ने शाम करीब सात बजे टेक्सास के बोका चिका से उड़ान भरी थी। यह स्टारशिप का पहला ऑर्बिटल टेस्ट था। इससे पहले 17 अप्रैल को भी इसे लॉन्च करने की कोशिश की गई थी। इसके बाद प्रेशर वाल्व के फ्रीज होने की वजह से इसे रोकना पड़ा था। मामले में स्पेसएक्स ने कहा कि आज हमने बहुत कुछ सीखा है। इससे हमें आगे सफलता मिलेगी। आज का टेस्ट हमें स्टारशिप की विश्वसनीयता में सुधार करने में मदद मिलेगी। कंपनी के मालिक एलन मस्क ने टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि कुछ महीनों में अगले टेस्ट लॉन्च के लिए बहुत कुछ सीखा।

विज्ञापन

 

स्टारशिप रॉकेट क्या है?
स्पेसएक्स के स्टारशिप अंतरिक्ष यान और सुपर हेवी रॉकेट को सामूहिक रूप से स्टारशिप का नाम दिया गया है। स्टारशिप दोबारा इस्तेमाल किया जा सकने वाला अंतरिक्ष यान है जो क्रू और कार्गो दोनों को पृथ्वी की कक्षा, चंद्रमा, मंगल और उससे आगे ले जाने के लिए डिजाइन किया गया है। यह दुनिया का अब तक का सबसे शक्तिशाली लॉन्च वाहन होगा। रॉकेट की ऊंचाई 120 मीटर और व्यास 9 मीटर है, जबकि इसकी पेलोड क्षमता 100 से 150 टन है।
 

इसके कितने चरण हैं? 
सुपर हेवी:
सुपर हेवी स्टारशिप लॉन्च सिस्टम का पहला चरण या बूस्टर है। सब-कूल्ड लिक्विड मीथेन (CH4) और लिक्विड ऑक्सीजन (LOX) का उपयोग कर 33 रैप्टर इंजन द्वारा संचालित, सुपर हैवी पूरी तरह से दोबारा इस्तेमाल होने वाला रॉकेट है। यह पृथ्वी के वायुमंडल में दोबारा प्रवेश करके लॉन्च साइट पर वापस उतर सकेगा। इसकी ऊंचाई 69 मीटर, व्यास 9 मीटर और प्रणोदक क्षमता 3,400 टन प्रति 7.5 एमएलबी है।
 

स्टारशिप: स्टारशिप अंतरिक्ष यान और स्टारशिप सिस्टम का दूसरा चरण है। यान में एकीकृत पेलोड सेक्शन है और चालक दल और कार्गो को पृथ्वी की कक्षा, चंद्रमा, मंगल और उससे आगे ले जाने में सक्षम है। स्टारशिप पृथ्वी पर एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने में भी सक्षम है। इसके द्वारा एक घंटे या उससे भी कम समय में दुनिया में कहीं भी जाया जा सकता है।

स्टारशिप यान की ऊंचाई 50 मीटर, व्यास 9 मीटर और प्रणोदक क्षमता 1,200 टन प्रति 2.6 एमएलबी और पेलोड क्षमता 100 से 150 टन है।
 

रैप्टर इंजन: रैप्टर इंजन भी दोबारा इस्तेमाल किया जा सकने वाला मीथेन-ऑक्सीजन चरणबद्ध-दहन इंजन है। यह स्टारशिप सिस्टम को शक्ति प्रदान करता है और इसकी थ्रस्ट क्षमता फाल्कन 9 मर्लिन इंजन की दोगुना है। स्टारशिप छह इंजनों, तीन रैप्टर इंजनों और तीन रैप्टर वैक्यूम (RVac) इंजनों द्वारा संचालित होगा, जिन्हें अंतरिक्ष के निर्वात में उपयोग के लिए डिजाइन किया गया है। सुपर हेवी को 33 रैप्टर इंजन द्वारा संचालित किया जाएगा, जिसमें 13 केंद्र में और बाकी 20 बूस्टर के पिछले छोर की परिधि के आसपास होंगे। इसका व्यास 1.3 मीटर है जबकि ऊंचाई 3.1 मीटर है।
 
विज्ञापन

पहले कब होनी थी स्टारशिप सिस्टम की लॉन्चिंग?
विशालकाय रॉकेट को अमेरिकी राज्य टेक्सास के बोका चिका में स्पेसएक्स स्पेसपोर्ट से 17 अप्रैल सुबह 8:00 बजे सेंट्रल टाइम (1300 जीएमटी) पर लांच करने के लिए निर्धारित किया गया था। जब ऐन वक्त पर इसे टाला गया तो सप्ताह के अंत में रिजर्व समय पर इसकी लॉन्चिंग तय की गई। इसी के तहत इसे गुरुवार शाम लॉन्च किया गया। स्पेसएक्स के संस्थापक एलन मस्क ने कहा था कि यह एक अलग संभावना है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें