ब्रिटेन की डांस क्लास में तीन लड़कियों की हत्या के दोषी पाए गए 17 वर्षीय अपराधी को 52 साल की जेल हुई है। हालांकि, सजा से असंतुष्ट सांसदों ने मृत्युदंड देने की मांग की है। अगर ऐसा होता है तो प्रधानमंत्री कीर स्टारमर के नेतृत्व वाली ब्रिटिश सरकार को 55 साल बाद देश के कानून में बदलाव करना पड़ सकता है।
ब्रिटेन की डांस क्लास में तीन लड़कियों की हत्या करने वाले 17 वर्षीय एक्सल रुदाकुबाना को अदालत ने 52 साल की सजा सुनाई है। उसे पैरोल भी नहीं मिलेगी। इस मामले में अपराधी को मौत की सजा देने की मांग हो रही है। सत्ताधारी और विपक्षी सांसदों ने भी सरकार से फांसी की सजा बहाल करने की अपील की है। हालांकि, सरकार का कहना है कि कानून में बदलाव की कोई योजना नहीं है।
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बता दें कि ब्रिटेन में युवाओं को आजीवन कारावास की सजा नहीं हो सकती। 1969 में ब्रिटेन में मृत्युदंड समाप्त कर दिया गया था। सरकार का कहना है कि संयुक्त राष्ट्र बाल अधिकार सम्मेलन जैसे अंतरराष्ट्रीय समझौतों के कारण 18 वर्ष से कम आयु के युवाओं को असीमित सजा या मृत्यु दंड नहीं दिया जा सकता। प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने भी कहा है कि सरकार कानून में बदलाव करने पर विचार नहीं कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि जज ने अपने फैसले में स्पष्ट कर दिया है कि अपराधी को कभी पैरोल या रिहाई नहीं मिलेगी।
70 साल तक पैरोल के लिए भी आवेदन नहीं कर सकेगा अपराधी
रुदाकुबाना को 52 साल की सजा के बाद, देश में अपराधी को मौत की सजा देने की मांग हो रही है। फिलहाल जो सजा मिली है, उसके तहत रुदाकुबाना 70 साल की आयु तक पैरोल के लिए भी आवेदन नहीं कर सकेगा।
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52 साल की सजा पर्याप्त नहीं: पैट्रिक हर्ले
अपराधी को और सख्त सजा की मांग को लेकर सत्ताधारी लेबर पार्टी के सांसद पैट्रिक हर्ले ने कहा कि 52 साल की सजा पर्याप्त नहीं है। अपराध की गंभीरता को देखते हुए, उन्होंने अटॉर्नी जनरल से इसकी समीक्षा करने को कहा है। वहीं, विपक्षी खेमे कंजर्वेटिव पार्टी के नेता केमी बेडेनोच ने भी कानून में बदलाव की मांग की। उन्होंने कहा कि यह एक जघन्य अपराध है। इसके आधार पर, सरकार को 18 वर्ष से कम आयु के लोगों को भी आजीवन कारावास की सजा का कानून बनाना चाहिए। कट्टर दक्षिणपंथी पार्टी- रिफॉर्म यूके के दो सांसदों ने भी मृत्युदंड की मांग की है।
क्या है पूरा मामला
बता दें कि अपराधी एक्सल रुदाकुबाना ने ब्रिटेन के साउथपोर्ट के हार्ट स्पेस में स्कूली बच्चियों पर चाकू हमला कर दिया था। इस दौरान तीन लड़कियों- एलिस दा सिल्वा अगुइर (9), बेबे किंग (6) और एल्सी डॉट स्टैनकॉम्ब (7) की मौत हो गई थी। रुदाकुबाना ने सजा पर सुनवाई के दौरान योग प्रशिक्षक लीन लुकास और व्यवसायी जॉन हेस के साथ 7 से 13 वर्षीय आठ अन्य बच्चों की हत्या का प्रयास करने की बात भी स्वीकार की है।